राज्य सरकार इस वर्ष दो महीने पहले ही बजट प्रस्तुत करेगी। वित्त मंत्री डॉ. हसीब द्राबू ने यह एलान किया। उन्होंने कहा कि मार्च के बजाय जनवरी में ही बजट पेश किए जाने का फैसला सार्वजनिक खर्चों में सुधार कार्यक्रम तथा मौजूदा संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दृष्टि से किया गया है।
बजट की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक सचिवों के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि इससे संसाधन मार्च अंत तक उपलब्ध हो सकेंगे और अप्रैल के शुरू से ही इन पर काम शुरू कर सकेंगे। मंत्री ने सभी विभागों से आवश्यक संसाधनों की जरूरत का ख्याल रखे बगैर खर्च संबंधी नीति विकसित करने को कहा है।
उन्होंने कहा कि खर्च में गुणवत्ता का भी ख्याल रखा जाना चाहिए। साथ ही इस बात का भी ख्याल रखा जाना चाहिए कि सुधारात्मक बदलाव की दिशा में धनराशि खर्च की जा सके।द्राबू ने कहा कि अर्थ व्यवस्था की क्षमता बढ़ाने तथा आर्थिक अनुशासन के लिए वर्ष 2016-17 का वार्षिक बजट मार्च के बजाय जनवरी में ही प्रस्तुत किया जाएगा।
इसके साथ ही अगस्त में अर्द्धवार्षिक समीक्षा होगी। यह इस बात को सुनिश्चित करेगा कि बजट के लक्ष्य संतोषजनक रहें। उन्होंने कहा कि यदि इसमें कोई समस्या आई तो उसका हल निकाला जाएगा। जैसे बजट का पुर्नआवंटन और समय पर सुधार के उपाय।
उन्होंने कहा कि रियासत की अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी समस्या यह है कि कम अवधि तथा अन्य कारणों से अधिक खर्च कर पाना संभव नहीं है। इस वजह से उन्होंने बजट जल्द शुरू करने का प्रस्ताव किया है ताकि योजना बनाने तथा टेंडर का काम सही समय पर हो सके। साथ ही विकास संबंधी काम इससे प्रभावित न होने पाए।
डॉ. हसीब द्राबू ने कहा कि बजट में सरकार की विकास संबंधी रणनीति का जिक्र होना चाहिए। साथ ही इसमें सरकार की प्राथमिकताओं का भी समावेश होना चाहिए।