जम्मू और श्रीनगर में अप्रैल में होने वाले तीन दिवसीय वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन की तैयारी में तेजी आ गई है। सम्मेलन का उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश में पर्यटन, बागवानी और पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, रेशम के लिए शहतूत उत्पादन आदि में पूंजी निवेश के अवसर प्रदान करना है। इसके साथ ही स्वास्थ्य और आईटी, फार्मास्युटिकल्स, विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, रियल एस्टेट, हथकरघा, हस्तशिल्प, शिक्षा पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
सम्मेलन के मद्देनजर सोमवार को नई दिल्ली में पहली बार पूर्वालोकन बैठक की गई। जम्मू-कश्मीर व्यापार संवर्धन संगठन (जेकेटीपीओ) की ओर से विभिन्न क्षेत्रों और प्रतिष्ठित संस्थानों से 350 प्रतिनिधियों के साथ 45 बी2जी बैठकें हुईं। दुनिया भर के निवेशकों को बताया गया कि जेएंडके में पूंजी निवेश की असीमित संभावनाएं हैं।
उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने इस मौके पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से गुजरात में वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन कराया जा चुका है। जम्मू-कश्मीर में उसी तर्ज पर पूंजी निवेश बढ़ाने का यह आयोजन 14 क्षेत्रों में निवेश के मौकों के साथ उत्पादन और रोजगार सृजन को बढ़ावा देगा। मूर्मू ने बताया, सरकार सांबा में 2 आईटी पार्क और आईसीडी विकसित कर रही है। इसके साथ अत्याधुनिक औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए 20 जिलों में 6000 एकड़ से अधिक औद्योगिक भूमि चिह्नित कर ली गई है।