बाक्स आफिस पर आमिर खान की सुपरहिट दंगल फिल्म ने बेटियों में नया जोश भरने का काम किया है। अब सामान्य खेलों के बजाय वे जोशीले खेलों में जोश दिखाने को आगे आ रही हैं। बाक्सिंग जैसे दमदार खेलों की तरफ युवतियों का रुझान बढ़ा है। एमए स्टेडियम के बाक्सिंग रिंग में वे लड़कों को मात दे रही हैं।
स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियों के साथ खिलाड़ियों से स्टेडियम गुलजार हुआ है। बाक्सिंग में 70 बाक्सर कड़ा अभ्यास कर रहे हैं। बेटियों की बात करें तो हिना चौधरी इंडिया कैंप में शिरकत कर रही हैं। इसी तरह सुषमा, सोनिया ने सीनियर नेशनल, सुमन ने नेशनल खेली है।
जूनियर नेशनल खेल चुकी सोनिया ने कहा कि बेटियों के लिए कोई भी काम मुश्किल नहीं होता है। लेकिन उन्हें प्रेरणा की जरूरत होती है। रियासत की बेटियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। रिंग में महिला बाक्सर पुरुषों को टक्कर दे रही हैं।
बाक्सिंग में लड़कियों का रुझान बढ़ा
बाक्सिंग में लड़कियों का रुझान बढ़ा
- फोटो : File Photo
बाक्सिंग के वरिष्ठ कोच अनिल कुमार बडेरा ने कहा कि पिछले कुछ समय से बाक्सिंग में लड़कियों का रुझान बढ़ा है। उन्हें यहां शारीरिक और मानसिक तौर पर मजबूत बनाया जाता है। युवतियां भी बाक्सिंग जैसे खेल में बेहतर कैरियर बना सकती हैं। एमए स्टेडियम से अब तक 35 उभरते बाक्सरों का सेना में चयन हो चुका है।
जबकि ओलंपिक, कामन वेल्थ गेम्स आदि के लिए रोहतक में नेशनल बाक्सिंग एकेडमी के लिए विनय प्रताप सिंह, विनोद भारद्वाज का चयन हुआ है। इसमें देशभर से 50 युवा बाक्सरों को लिया गया है, जिसमें जेएंडके से ये दो हैं। आशीष जसरोटिया भी पटियाला में इंडिया कैंप में शामिल हुए हैं। युवा बाक्सरों को सुबह और शाम के सत्र में कड़ा अभ्यास करवाकर तैयार किया जा रहा है।