जम्मू-कश्मीर सरकार ने विभिन्न सरकारी विभागों के 108 अधिकारियों को डेपुटेशन पर लद्दाख भेज दिया है। सोमवार को सामान्य प्रशासनिक विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि इन अधिकारियों को दो साल या जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के तहत पदों का अंतिम आवंटन होने तक वहीं रहना होगा।
यह भी पढ़ेंः पायलट की बगावत के बीच छत्तीसगढ़ के सीएम और उमर आमने-सामने, अब्दुल्ला बोले- अब बहुत हुआ मिस्टर बघेल
सामान्य प्रशासनिक विभाग के अतिरिक्त सचिव चरणदीप सिंह की तरफ से जारी आदेश के तहत डेपुटेशन पर भेजे गए अधिकारियों को प्रमोशन का लाभ पहले की तरह अपने विभाग स्तर पर मिलता रहेगा और डेपुटेशन अवधि के दौरान उन्हें इंसेंटिव भी तय नियमों के तहत मिलेंगे। अधिकारियों को केंद्र शासित लद्दाख के सामान्य प्रशासनिक विभाग को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है।
डेपुटेशन पर भेजे गए अधिकारियों में सामान्य प्रशासनिक विभाग के नौ, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के तीन, फ्लोरीकल्चर, पार्क और गार्डन विभाग के तीन, विधि, न्यास, संसदीय मामलों विभाग के दो, जल शक्ति विभाग के छह, वित्त, योजना, विकास और निगरानी विभाग के 16, वित्त, आबकारी और टेक्सेशन विभाग के नौ अधिकारी शामिल हैं।
इसके अलावा ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग के सात, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के चार, उद्योग और वाणिज्य विभाग के दो, आवास और शहरी विकास विभाग के तीन, बिजली विभाग के तीन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग के 25, परिवहन विभाग के आठ, राजस्व विभाग का एक अधिकारी शामिल हैं। संस्कृति विभाग के तीन, लोक निर्माण विभाग चार, स्कूली शिक्षा विभाग के चार और पर्यटन विभाग का एक अधिकारी शामिल हैं।