जम्मू में हवाला राशि के साथ एक आरोपी के पकड़े जाने के बाद सप्ताहभर से फरार पूर्व मंत्री बाबू सिंह को कठुआ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सुबह 11 बजे के लगभग गिरफ्तार किए जाने के बाद बाबू सिंह को राजबाग थाने में लाया गया जहां से जम्मू पुलिस की टीम उन्हें साथ ले गई।
क्या है मामला
31 मार्च को जम्मू के बिक्रम चौक से सटे इलाके में पुलिस ने मोहम्मद शरीफ शाह नामक शख्स को 6.90 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह पैसा हवाला के जरिये यहां लाया गया और उसे पूर्व मंत्री बाबू सिंह ने लाने को कहा था। इसके बाद से पुलिस लगातार बाबू सिंह की तलाश कर रही थी। लुक आउट नोटिस जारी किया गया था। मामले में मोहम्मद शरीफ के अलावा जम्मू निवासी एस गुरदेव सिंह व मोहम्मद शरीफ सरताज और कठुआ के सिद्धांत शर्मा को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था।
पैसा लाने वाले के पीओके, टोरंटो से जुड़े तार
पुलिस की अब तक की जांच में हवाला की राशि का कनेक्शन देश विरोधी गतिविधियों से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह के अनुसार हवाला राशि के साथ पकड़े गए मोहम्मद शरीफ ने पूछताछ में कई बातें बताई हैं। हवाला राशि से जुड़े तथ्य खंगालने पर पता चला है कि इस पैसे का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों के लिए किया जाना था। मोहम्मद शरीफ ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर निवासी जावेद और खतीब के नाम बताए हैं। इसके अलावा कनाडा के टोरंटो में रह रहे फारूक खान का नाम भी सामने आया है। मोहम्मद शरीफ सोशल मीडिया पर एक ग्रुप का भी संचालन कर रहा है, जिसमें पाकिस्तान और सऊदी अरब से कई लोग जुड़े हैं।
कांग्रेस पीडीपी सरकार में वित्त और बिजली राज्यमंत्री रहे बाबू सिंह
कठुआ। मूल रूप से बरवाल निवासी बाबू सिंह वर्तमान में कठुआ शहर के वार्ड एक में रह रहे थे। मजदूरों के लिए आवाज बुलंद किए जाने से अपनी पहचान बनाते हुए 1994 में डेमोक्रेटिक मूवमेंट से उन्होंने अपना राजनीतिक सफर शुरू किया। वर्ष 2002 में निर्दलीय चुनाव जीतने के साथ ही कांग्रेस और पीडीपी की सरकार के समय वे विधायक बन गए। इसके बाद कांग्रेस में शामिल होने के साथ ही उन्हें वित्त और बिजली राज्यमंत्री का दर्जा मिल गया। 2008 में फिर चुनाव हुए लेकिन इस बार बाबू सिंह हार गए। 2009 में उन्होंने नेचर मैनकाइंड फ्रेंडली ग्लोबल मूवमेंट शुरू की जिसके बाद इसे राजनीतिक दल भी बना दिया।