जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद चार सितबंर को जम्मू पहुंचेगे। वह चार सितंबर को जम्मू शहर के सैनिक कॉलोनी इलाके में जनसभा को संबोधित करेंगे। कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद यह उनकी पहली जनसभा होगी। इसके साथ ही 15 सितंबर तक नई पार्टी के गठन की तैयारी है।
इससे पहले मंगलवार को पूर्व डिप्टी सीएम तारा चंद समेत 64 नेताओं ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया है। इसके साथ ही प्रदेश में आखिरी विधानसभा चुनाव 2014 में हुए थे। उसमें कांग्रेस 12 सीटों के साथ जम्मू कश्मीर में चौथे नंबर पर सिमट गई थी। अब उन 12 पूर्व विधायकों में से 11 कांग्रेस का साथ छोड़ चुके हैं। इसके साथ ही कई डीडीसी, बीडीसी और पंचायत प्रतिनिधियों ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर आजाद को समर्थन दिया है।
जम्मू संभाग के सभी 10 जिलों से आजाद समर्थकों को जुटाने की योजना है ताकि कांग्रेस के साथ ही अन्य दलों भाजपा, नेकां, पीडीपी, आप को यह संदेश दिया जा सके कि आजाद में अब भी दमखम है। आजाद के करीबी और प्रदेश के पूर्व विधायक जुगल किशोर शर्मा ने बताया कि आजाद चार से छह सितंबर तक जम्मू में रहेंगे।
सूत्रों के अनुसार, इसके बाद वे चिनाब वैली का दौरा करने चले जाएंगे। फिलहाल कितने दिनों का दौरा होगा, यह तय नहीं है। आजाद के करीबियों ने बताया कि उनके जम्मू आने पर शक्ति प्रदर्शन किया जाएगा।
आजाद अपने दौरे के दौरान कांग्रेस से अलग होने के कारण गिनवाकर विरोधियों का मुंह बंद करने की कोशिश कर सकते हैं। करीबियों का कहना है कि आजाद पर मौकापरस्त होने और विश्वासघात करने जैसे आरोप लगे हैं। बताते हैं कि वे कांग्रेस नेतृत्व पर त्यागपत्र में लिखे आरोपों के अलावा पार्टी छोड़ने की वजहें बताकर लोगों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर सकते हैं।