जम्मू कश्मीर में फर्जी हथियार लाइसेंस मामले में प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) की दबिश जारी रहेगी। सूत्रों के मुताबिक, दो हफ्ते में जम्मू-कश्मीर, दिल्ली और मध्य प्रदेश के 20 और जिलों में दबिश देगी। इसमें कई बड़े अधिकारियों के नाम शामिल हैं, जिनके ऊपर शिकंजा कसा जाएगा। इससे पहले गुरुवार को प्रदेश के 11 ठिकानों पर हुई दबिश में कई अहम दस्तावेज निदेशालय को मिले हैं, जो कई तरह के राज खोलेंगे। इन दस्तावेजों की दिल्ली तक जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश और बाहर के 24 जिलों में फर्जी गन लाइसेंस के मामलों की जांच होगी। प्रवर्तन निदेशालय की ओर से अभी सिर्फ दो जिलों श्रीनगर और जम्मू में ही दबिश दी गई है। अभी बाकी के जिलों में कार्रवाई होगी। जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अभी फिलहाल दो जिलों में कार्रवाई करके रिकॉर्ड जब्त किया गया है। दो हफ्तों के बाद कुछ और जिलों में कार्रवाई होगी।
अभी जिन जगहों पर दबिश दी गई है। वहां पर कई तरह के संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए हैं। इसमें बड़े स्तर पर पैसे का हेरफेर हुआ है। इन लोगों के बैंक खाते खंगाले जा रहे हैं, जिसमें 2012 से लेकर 2016 तक पैसों का बड़े स्तर पर लेन देन हुआ है। खासकर गन डीलरों के खातों से। इस पैसे का प्रदेश से लेकर बाहर तक लेन-देन हुआ है।
बता दें कि धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 पीएमएलए के तहत जम्मू और श्रीनगर में वीरवार को 11 ठिकानों पर निदेशालय ने दबिश दी थी। आईएएस राजीव रंजन, जेकेएएस अधिकारी और कर्मियों के घरों के अलावा गन डीलरों के घर पर भी दबिश दी गई थी। ईडी 2.78 लाख फर्जी लाइसेंस के मामलों में जांच कर रही है। सीबीआई भी इस मामले की जांच कर रही है।