भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर आतंकी घुसपैठ रोकने के लिए बिछाई गई बारूदी सुरंग फटने से सेना का जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। जवान को पुंछ स्थित सैन्य अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद एयर लिफ्ट कर उधमपुर कमान अस्पताल भर्ती करवाया गया है। इससे पूर्व राजोरी में नौशेरा के कलाल क्षेत्र में 30 अक्तूबर शनिवार को बारूदी सुरंग फटने से सेना के लेफ्टिनेंट समेत दो जवान शहीद हो गए थे। इस हादसे में एक सैनिक घायल हो गया था।
सैन्य सूत्रों ने बताया कि बांडी चेचियां अग्रिम क्षेत्र में बुधवार दोपहर बाद तीन बजे सेना की गश्त चल रही थी। इंजीनियरिंग रेजीमेंट 16 गढ़वाल के हवलदार दुर्गेश कार्की रास्ते पर लगी बारूदी सुरंग की चपेट में आ गया। साथी जवान घायल को फौरन पुंछ ले आए, जहां पर गंभीर अवस्था को देखते हुए घायल जवान को उधमपुर के उत्तरी कमान अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। एलओसी पर बारूदी सुरंग फटने की पांच दिन में यह दूसरी घटना है।
इससे पहले एलओसी पर नौशेरा सेक्टर के कलाल क्षेत्र में 30 अक्तूबर की शाम बारूदी सुरंग फटने से सेना के एक लेफ्टिनेंट समेत दो जवान शहीद हो गए। सेना की पेट्रोलिंग टीम इलाके में पेट्रोलिंग कर रही थी तभी यह विस्फोट हुआ। विस्फोट में घायल दोनों जवानों को गंभीर अवस्था में सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उन्होंने दम तोड़ दिया।
शहीद होने वालों में लेफ्टिनेंट ऋषि कुमार (निवासी बेगूसराय, बिहार) व सिपाही मंजीत सिंह (सिरके वाला, बठिंडा-पंजाब) शामिल हैं। जानकारी के अनुसार सेना की पेट्रोलिंग टीम इलाके में गश्त कर रही थी। इस दौरान वह यह जांच कर रही थी कि सीमा पार से घुसपैठ तो नहीं हुई है। इस बीच अचानक विस्फोट हो गया, जिसमें एक लेफ्टिनेंट स्तर के अधिकारी समेत दो गंभीर रूप से घायल हो गए। विस्फोट की आवाज दूर तक सुनी गई।
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सैन्य सूत्रों ने बताया कि जहां विस्फोट हुआ, वह पूरा क्षेत्र बारूदी सुरंगों के लिए पहले से चिह्नित है। यहां घुसपैठ की आशंका बनी रहती है, जिसे रोकने के लिए सेना ने बारूदी सुरंगे बिछा रखी हैं। सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि पेट्रोलिंग के दौरान बारूदी सुरंग में विस्फोट में दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें नजदीकी सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से जख्मी होने के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया। ज्ञात हो कि पहले यह आशंका जताई जा रही थी कि आतंकियों ने पेट्रोलिंग टीम को निशाना बनाने के लिए आईईडी प्लांट की होगी।