पहलगाम आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ एक विशेष और सटीक रणनीति के तहत ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। इन्हीं ऑपरेशन का नतीजा है कि आतंकियों का बड़े स्तर पर सफाया हो रहा है। सबसे अहम बात यह है कि सुरक्षा एजेंसियों ने बिना किसी अपने नुकसान के आतंकियों को ढेर किया है।
कुलगाम में तीसरे दिन भी मुठभेड़ जारी
कुलगाम के अखल वन क्षेत्र में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ रविवार को तीसरे दिन भी जारी रही। शनिवार पूरी रात रुक-रुककर गूंजती रही धमाकों की आवाज रविवार सुबह भी सुनी गई। रविवार को एक और जवान घायल हो गया। शुक्रवार रात करीब 8 बजे देवसर के अखल वन क्षेत्र में 4-5 आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद सेना की 9 राष्ट्रीय राइफल्स, जम्मू कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, कुलगाम पुलिस व सीआरपीएफ ने वन क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया।
शनिवार को मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए, जबकि एक अन्य के घायल होने की संभावना है। रविवार को एक आतंकी का शव बरामद हो गया है, जबकि ड्रोन से देखे गए दूसरे आतंकी का शव नहीं मिला। मारे गए आतंकवादी से एके सीरीज की राइफल, दो मैगजीन, हैंड ग्रेनेड आदि बरामद हुए हैं। शनिवार को एक सैन्य अधिकारी भी घायल हुए थे। उनका श्रीनगर के 92 बेस अस्पताल में इलाज चल रहा है।
सूत्रों ने बताया कि यह साल के सबसे बड़े आतंकवाद रोधी अभियानों में से एक हो सकता है। इस अभियान में ड्रोन और थर्मल इमेजिंग उपकरणों सहित उच्च तकनीक वाले निगरानी उपकरण के साथ हेलीकॉप्टर भी लगाए गए हैं। पुलिस महानिदेशक और 15वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) सहित वरिष्ठ पुलिस और सैन्य अधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं।
अभियान अभी भी जारी है। घाटी में एक सप्ताह में यह दूसरा ऑपरेशन है। इससे पहले श्रीनगर के दाछीगाम में ऑपरेशन महादेव के दौरान लश्कर के एक कमांडर सहित तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया गया था।