कुलगाम जिले में शनिवार को दो जगहों पर मुठभेड़ शुरू हुई, जो रविवार को भी जारी है। आतंकियों के शव मुठभेड़ स्थल पर पड़े हुए हैं। ड्रोन फुटेज में इनके शव दिख रहे हैं। पूरे इलाके की घेराबंदी की गई है। आईजी बीके बिर्दी ने बताया कि फ्रिसल चिन्नीगाम में चार आतंकी मारे गए। इसके बाद रविवार को दो आतंकी मारे गए।
हिजुबल के टीआरएफ गुट से जुड़े थे मारे गए आतंकी
मुठभेड़ स्थल से चार आतंकियों के शव बरामद हुए हैं। उनके कब्जे से तीन एके 47 और एक पिस्तौल बरामद की गई है। सूत्रों के अनुसार ये आतंकी हिजबुल मुजाहीदीन के गुट टीआरएफ से जुड़े हुए थे। आतंकियों की पहचान यावर बशीर पुत्र बशीर अहमद डार निवासी कैमोह, जाहिद अहमद डार पुत्र गामहौद डार निवासी यारीपोरा, तौहीद अहमद राथर पुत्र अब सतार राथर निवासी, शकील अहमद वानी पुत्र मोहम्मद शरीफ वानी निवासी कुलगाम के तौर पर हुई है। बाकी दो आतंकियों की पहचान अभी बाकी है।
पैरा कमांडो लांस नायक प्रदीप नैन और प्रवीण प्रभाकर
- फोटो : संवाद
ये जवान हुए वीरगति को प्राप्त
बताते हैं कि मुठभेड़ फ्रिसल चिन्नीगाम व मुदरघम इलाके में हुई। कार्रवाई में मुदरघम में पैरा कमांडो लांस नायक प्रदीप नैन तथा फ्रिसल में एक राष्ट्रीय राइफल्स के सिपाही प्रवीण प्रभाकर घायल हुए। बाद में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। हालांकि, सेना की ओर से नामों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। रविवार को दोनों बलिदानियों को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
पुलिस के अनुसार शनिवार सुबह पुलिस और सुरक्षाबलों की एक टीम ने विशिष्ट इनपुट के आधार पर कुलगाम के मुदरघम इलाके में घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। जैसे ही सुरक्षाबल संदिग्ध क्षेत्र की ओर बढ़े तो छिपे हुए आतंकवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई से मुठभेड़ शुरू हो गई।
शुरुआती फायरिंग में सेना का एक जवान घायल हो गया। उन्हें तत्काल निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके बाद सुरक्षाबलों ने सतर्कता बरतते हुए अभियान जारी रखा। पूरे इलाके को घेर रखा गया है ताकि आतंकी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकलने में कामयाब न हो सकें।
दूसरी मुठभेड़ में क्या हुआ
दूसरी मुठभेड़ फ्रिसल चिन्नीगाम इलाके में हुई। यहां भी आतंकियों की मौजूदगी पर सुरक्षा बलों ने घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान घेरा सख्त होने पर दहशतगर्दों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई से शुरू हुई मुठभेड़ में घर में छिपे चार आतंकियों को मार गिराने में सफलता मिली।
ड्रोन फुटेज में घर के बाहर चार शव पड़े पाए गए। हालांकि, फायरिंग जारी रहने की वजह से इन शवों को बरामद नहीं किया जा सका है। मुठभेड़ शुरू होते ही दोनों स्थानों पर सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए। आसपास के इलाकों में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
आतंकियों की मूवमेंट लगातार हो रही ट्रैक: आईजी
फ्रिसल में मुठभेड़स्थल पर पहुंचे आईजी बीके बिर्दी ने बताया कि सुरक्षाबलों की ओर से आतंकियों की मूवमेंट को लगातार ट्रैक किया जा रहा है। यहां आतंकियों का मारा जाना सुरक्षा बलों के लिए बड़ी उपलब्धि है। मुठभेड़ स्थल जम्मू-श्रीगर हाईवे से दूर का भीतरा इलाका है। कुछ आतंकियों के शव पड़े दिखे हैं, लेकिन अभी ऑपरेशन जारी है।