जम्मू-कश्मीर में विधानसभा क्षेत्रों के नए सिरे से निर्धारण के लिए गठित परिसीमन आयोग की 20 दिसंबर को होने वाली बैठक में नेकां भाग लेंगी। पार्टी के तीनों सांसद आयोग की ओर से सहयोगी सदस्यों के लिए बुलाई गई बैठक में शामिल होंगे। बैठक में परिसीमन के ड्राफ्ट प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना है। इस बीच पीडीपी ने कहा है कि उसे परिसीमन आयोग पर भरोसा नहीं है।
आरोप लगाया कि यह भाजपा के एजेंडे पर काम कर रहा है। नेकां सांसद हसनैन मसूदी ने कहा कि पार्टी के अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला, सांसद मोहम्मद अकबर लोन और वे स्वयं सोमवार को नई दिल्ली में परिसीमन आयोग के सहयोगी सदस्यों की बैठक में शामिल होंगे। समग्र परिदृश्य को देखते हुए पार्टी ने फैसला किया है कि उसके सांसद बैठक में शामिल होंगे।
हालांकि, उन्होंने कहा कि पार्टी के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है कि यह कवायद संविधान की भावना को ठेस पहुंचाती है। कहा कि, हम लोगों के दृष्टिकोण को आयोग के पास ले जाएंगे। पार्टी ने आयोग को पत्र लिखकर उनका एजेंडा मांगा था, लेकिन उनकी ओर से इस संबंध में कोई जवाब नहीं आया।
हम जानना चाहते हैं कि उनका एजेंडा क्या है। हमने उनसे बैठक का एजेंडा और साथ ही संबंधित सहायक सामग्री सौंपने को कहा था। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसलिए हमें वहां जाकर देखना होगा कि उनका एजेंडा क्या है। उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कि कहा कि पार्टी ने इस मामले पर अपना रुख नहीं बदला है।
यह कोई नई बात नहीं है। पार्टी ने आयोग के प्रतिनिधियों की श्रीनगर यात्रा के दौरान उनसे मुलाकात की थी और यह कहते हुए ज्ञापन सौंपा था कि यह संविधान के अनुसार स्वीकार्य मार्ग नहीं है। हम उस बात पर कायम हैं। सरकार के लिए सही बात यह है कि वह चार अगस्त 2019 की स्थिति को बहाल करे और फि र उसे परिसीमन के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
परिसीमन आयोग भाजपा का आयोग : महबूबा
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को कहा कि उन्हें परिसीमन आयोग पर भरोसा नहीं है। आरोप लगाया कि यह भाजपा के एजेंडे पर काम कर रहा है। उन्होंने भाजपा पर एनआईए और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया और कहा कि पीडीपी इस तरह के कदमों से डरने वाली नहीं है।
महबूबा ने राजोरी जिले में युवा सम्मेलन के बाद पत्रकारों से कहा कि जहां तक परिसीमन आयोग का सवाल है यह भाजपा का आयोग है। उनका प्रयास अल्पसंख्यक के खिलाफ बहुसंख्यक को खड़ा करने तथा लोगों को और अधिक शक्तिहीन करने का है। वे भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए (विधानसभा) सीट की संख्या को इस तरह से बढ़ाना चाहते हैं।
इसलिए परिसीमन आयोग पर कोई भरोसा नहीं है। सहयोगी सदस्यों की बैठक में भाग लेने के नेशनल कांफ्रेंस के फैसले के बारे में पूछे जाने पर कहा कि यह उनका निर्णय है। मैं इसके बारे में और क्या कह सकती हूं। प्रशासन द्वारा कृषि भूमि को गैर कृषि उद्देश्यों में बदलने के लिए भूमि उपयोग कानूनों में बदलाव किए जाने के मुद्दे पर कहा कि यह एक गलत निर्णय है।
भाजपा के छिपे हुए एजेंडे की साजिश का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगायाए वे चाहते हैं कि बाहर से अधिक से अधिक लोग आएं और जनसांख्यिकीय परिवर्तन के लिए यहां जमीन खरीदें।