पिछले आठ वर्षों से इस मामले पर कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। इस मामले की मुख्य आरोपी संतोष देवी, उसकी बहन सरोज देवी और सुरजीत सिंह उर्फ सोनू, दीपक गुप्ता, रमन गुप्ता, पवन गुप्ता, भूपिंदर सिंह उर्फ टीटू, प्रदीप लहोरिया, आशीष अबरोल और अश्विनी कुमार के नाम शामिल हैं।
21 जुलाई 2011 को इस मामले में पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया था, जबकि यह मामला मई 2011 में सामने आया। किश्तवाड़ की रहने वाली एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म होने के बाद यह मामला सामने आया। दोमाना पुलिस स्टेशन में यह केस दर्ज हुआ था।
मूल रूप से किश्तवाड़ और तब दुर्गा नगर में रहने वाली संतोष देवी पर आरोप लगा था कि उसने किश्तवाड़ की रहने वाली नाबालिग को जम्मू में यह कहकर लाया कि उसकी जम्मू में एक अच्छे लड़के से शादी करा देगी, लेकिन जम्मू लाने के बाद उसको कई लोगों के हवाले कर दिया। जम्मू, पटनीटॉप और हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग लोगों ने उससे दुष्कर्म किया।
पुलिस की जांच में बताया गया कि दीपक गुप्ता और रमन गुप्ता ने कहा है कि उन्होंने कुद के होटल में दुष्कर्म किया, पवन गुप्ता ने मोती बाजार में अपने होटल में दुष्कर्म किया, भूपिंदर सिंह उर्फ टीटू ने ज्यूल (जम्मू) स्थित दुकान में, आशीष अबरोल और प्रदीप लहोरिया ने त्रिकुटा नगर और सुरजीत सिंह उर्फ सोनू ने हिमाचल प्रदेश के मक्लोड़गंज में दुष्कर्म किया। बाद में इस मामले में आशीष अबरोल, रमन गुप्ता, पवन गुप्ता, जसविंदर सिंह, सुरजीत सिंह, संतोष देवी, सरोज देवी, कन्नव सूरी और नीतेश शर्मा पर आरोप तय किए गए। इन सभी को न्यायालय ने रिहा कर दिया है।