निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह के साथ पकड़े गए आतंकियों ने एनआईए की पूछताछ में नया खुलासा कर सबको चौंका दिया है। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की पूछताछ में आतंकियाें ने खुलासा किया है कि वह कश्मीरी शॉल और ड्राईफूट बेचने के बहाने चंडीगढ़ समेत पंजाब के हिस्सों की रेकी है।
वह उन जगहों को चुनते थे, जहां भीड़ भाड़ ज्यादा होती है। वहीं, चंडीगढ़ के सेक्टर-22, 19 समेत अन्य भीड़भाड़ वाली मार्केट को चुनकर रेकी की। इसके अलावा वह कुछ दिन चंडीगढ़ में रहकर भी गए हैं। ऐसे में सवाल है कि जब आतंकी कश्मीरी शॉल और ड्राईफूट बेचने के बहाने चंडीगढ़ आए तो उन्होंने अपने रहने के लिए ठिकाना कहां बनाया होगा।
डीएसपी दविंदर सिंह और आतंकियों से एक के बाद एक खुलासे से चंडीगढ़ पुलिस, सीआईडी, इंटेलिजेंस, समेत सभी जांच एजेंसियां चौकन्नी हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार पुलिस जांच में जुटी है कि आखिरकार दविंदर सिंह इन दोनों आतंकियों को चंडीगढ़ में कहां रुकवाना चाहता था। हालांकि, पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि उनके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है, जिससे साफ हो सके कि आतंकियों ने चंडीगढ़ में रहने के लिए अपना ठिकाना बनाया हो।
आतंकियों को चंडीगढ़ में ठहराने के लिए लेने थे 12 लाख
सूत्रों के अनुसार, दविंदर सिंह ने खुलासा किया है कि हिजबुल कमांडर नावेद बाबा और आसिफ को चंडीगढ़ में ठहरवाने के लिए 12 लाख रुपये लेने थेे। ऐेसे में पुलिस टीम के लिए भी सिरदर्द बना है कि उन्हें किन जगहों पर ठहराना था। दूसरी तरफ, पुलिस शहर के होटलों समेेत संदिग्ध जगहों पर नजर बनाए हुए है। एजेंसियां जांच में जुटी है कि कहीं इन आतंकियों की मंशा यहां हमला करने की तो नहीं थी।