जम्मू-कश्मीर में विभिन्न खेल एसोसिएशन फंड की कमी से जूझ रही हैं। इसका असर खिलाड़ियों के खेल पर पड़ रहा है। एसोसिएशन के सामने कम फंड में चैंपियनशिप आयोजित करने का दबाव है। इसके चलते राज्य स्तर की बड़ी चैंपियनशिप दो से तीन दिन में पूरी करवाई जा रही है।
एक टीम से एक दिन में तीन-तीन मुकाबले खिलवाए जा रहे हैं, ताकि कम खर्च में चैंपियनशिप पूरी हो। इस सबमें खिलाड़ियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर जो असर पड़ रहा है, उसकी तरफ कोई ध्यान नहीं है।
एमए स्टेडियम में इन दिनों जम्मू-कश्मीर वॉलीबाल एसोसिएशन द्वारा 34वीं यूटी सीनियर वॉलीबाल चैंपियनशिप का आयोजन किया जा रहा है। इसमें पूरे प्रदेश से 32 टीमें भाग ले रही हैं। एक टीम को दिन में दो से तीन मुकाबले खेलने पड़ रहे हैं। इससे खिलाड़ी न सिर्फ चोटिल हो रहे हैं बल्कि थकान के कारण अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं दे पा रहे हैं।
वॉलीबाल एसोसिएशन के एक सदस्य ने कहा कि हमने स्पोर्ट्स काउंसिल से चैंपियनशिप के आयोजन के लिए दस लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन सिर्फ पांच लाख रुपये ही मिले। कहा कि इतने में करवा सकते हो ठीक है, नहीं तो रहने दो। फंड को ध्यान में रखते हुए हमने शेड्यूल बनाया है।
तंग शेड्यूल में खेलना खिलाड़ियों पर असर तो करता है। अगर हमें पर्याप्त फंड मिले तो हम सप्ताह तक की चैंपियनशिप करवा सकते हैं। एक खिलाड़ी ने कहा कि मैच पर मैच खेलने को कहा जाता है। इससे हम अपना सर्वश्रेष्ठ कैसे दे सकते हैं।
वॉलीबाल चैंपियनशिप के पहले दिन हर टीम को तीन-तीन मुकाबले खेलने पड़े। देर रात तक खिलाड़ियों से मुकाबले खिलवाए गए। पुरुष वर्ग में जम्मू जिले ने तीन मुकाबले खेले। वहीं दूसरे दिन सभी टीमों ने दो-दो मुकाबले खेले।
नियमों के तहत नहीं हो पाते मैच
वॉलीबाल एसोसिएशन के एक सदस्य ने कहा कि समय और फंड का अभाव इतना है कि प्रति मैच को तय सेट और समय से कम में पूरा करवाया जा रहा है। लीग और क्वार्टर फाइनल स्तर के मुकाबले तीन सेट में ही पूरे करवाए जा रहे हैं, जबकि हर मुकाबले में पांच सेटा का खेल होना चाहिए।
दो दिन में हुई वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप
जम्मू-कश्मीर वेटलिफ्टिंग एसोसिएशन की ओर से हाल ही में यूटी वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया गया था। ये चैंपियनशिप भी दो ही दिन की थी। इसमें विभिन्न किलोभार वर्ग में 115 खिलाड़ियों ने भाग लिया था।
वहीं, पिछले साल भी फंड की कमी के चलते 33वीं जेएंडके यूटी सीनियर वॉलीबाल चैंपियनशिप तीन दिन की हुई थी। इसमें पूरे प्रदेश से 19 टीमों ने भाग लिया था। चैंपियनशिप श्रीनगर में हुई थी। स्पोर्ट्स काउंसिल सचिव नुजहत गुल और युवा सेवा एवं खेल विभाग के प्रमुख सचिव सरमद हफीज से इस संबंधी पक्ष जानने के लिए फोन किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।