पुलवामा जिले में बैंक एटीएम गार्ड की हत्या से पूरा अच्छन गांव शोक में डूबा हुआ है। उन्होंने कहा कि हत्यारे किसी जानवर से कम नहीं हैं जिन्होंने हमारे कश्मीरी पंडित भाई को हमसे छीन लिया है। मृतक गार्ड अपने पीछे पत्नी व दो मासूम बेटियां व एक बेटे को छोड़ गया है। इस घटना की स्थानीय मुस्लिम लोगों ने कड़ी निंदा की।
उन्होंने बताया कि कुशी नाथ पंडित का पुत्र संजय मेहनती युवक था। हालांकि किसान परिवार से था, लेकिन बच्चों के पालन-पोषण के लिए उसे बैंक गार्ड की नौकरी करनी पड़ी। उनकी बड़ी बेटी 8 साल, दूसरी 6 साल और बेटा 4 साल का है।
उन्होंने बताया कि संजय के पिता का दस साल पहले लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था, जबकि उसके तीन भाई भी हैं। अच्छन के लोगों का कहना है कि इस इलाके में लगभग चौबीस कश्मीरी पंडित परिवार रह रहे हैं और पिछले 30 वर्षों में ऐसी कोई घटना क्षेत्र में कभी नहीं हुई, क्योंकि हम सभी यहां भाईचारे के साथ रह रहे हैं। मृतक के हत्यारे किसी जानवर से कम नहीं हैं जिन्होंने हमारे कश्मीरी पंडित भाई को हमसे छीन लिया है।
बेहद दुखी हूं, संजय एक बैंक सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहे थे और रविवार सुबह एक आतंकी हमले में मारे गए। मैं इस हमले की स्पष्ट रूप से निंदा करता हूं और उनके प्रियजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं भेजता हूं।
-उमर अब्दुल्ला, उपाध्यक्ष नेकां।
भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार कश्मीरी पंडितों की रक्षा करने में विफल रही है। कुछ दिन पहले राजस्थान में दो मुसलमानों की हत्या कर दी गई थी। आज एक हिंदू को मार डाला। आपमें और उनमें क्या अंतर है?
-महबूबा मुफ्ती, पीडीपी अध्यक्ष।
कोई भी हत्या, विशेष रूप से लक्षित हत्या, गंभीर चिंता का विषय है और निंदनीय है। हम इसकी निंदा करते हैं।
-गुलाम नबी आजाद, संयोजक डीपीएपी।