उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है। देश में सबसे अधिक बजट का पांच फीसदी स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए निर्धारित किया गया है। पूरे प्रदेश में 7177 करोड़ रुपये स्वास्थ्य ढांचे की मजबूती पर खर्च किया जा रहा है। पिछले एक वर्ष में 881 करोड़ रुपये खर्च कर 94 स्वास्थ्य संबंधित परियोजनाओं को पूरा किया गया है।
स्किम्स के वार्षिक समारोह में उन्होंने कहा कि कोरोना की दो लहरों में केंद्र शासित प्रदेश ने स्वास्थ्य सुविधाओं में भारी बढ़ोतरी की है। ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता एक लाख एलपीएम तक बढ़ गई है जो 14 हजार थी। सभी 4290 पंचायतों में कोविड केयर सेंटर स्थापित किए गए हैं।
पंचायतों तक स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के प्रयासों को नीति आयोग ने अपनी रिपोर्ट में भी शामिल किया है। तीन से बढ़कर सात मेडिकल कॉलेज हो गए हैं। एमबीबीएस की सीटें लगभग दोगुनी हो गई हैं। अब 1100 सीटों पर दाखिला होगा। दो एम्स, दो कैंसर संस्थान के अलावा 1275 वेलनेस सेंटर हैं। दस नए नर्सिंग कॉलेज भी खोले गए हैं। आयुष्मान भारत सेहत योजना सभी के लिए शुरू किया गया है। 2019 से पहले किसी सरकार ने स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू नहीं की थी।
उप राज्यपाल ने कहा कि कोरोना का खतरा अभी समाप्त नहीं हुआ था। नए वेरिएंट ओमिक्रॉन से सभी को सचेत रहने की जरूरत है। कोविड प्रोटोकॉल का पालन कर तीसरी लहर को मात दी जा सकती है।
सामाजिक दूरी व मास्क अब भी कोरोना से बचने का सबसे अच्छा उपाय
एम्स नई दिल्ली के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि कोरोना महामारी ने समाज के सभी वर्ग के लोगों को प्रभावित किया। इस वजह से स्वास्थ्य सुविधाओं और महामारी की तैयारी पर अधिक खर्च करने की जरूरत है। सामाजिक दूरी के नियम का पालन और मास्क अब भी कोरोना के प्रसार को रोकने का सबसे अच्छा उपाय है।
वृद्धावस्था चिकित्सा वार्ड समेत कई सुविधाएं समर्पित
उप राज्यपाल ने नए न्यूरो साइंस आईसीयू, श्वास आईसीयू, स्त्री व प्रसूति रोग आईसीयू, वृद्धावस्था चिकित्सा वार्ड, कैंसर संस्थान ओपीडी कांप्लेक्स, आपातकालीन चिकित्सा प्रतीक्षा कक्ष, कैं टीन का शुभारंभ किया। इसके साथ ही पैरामेडिकल साइंस कॉलेज, विकसित बाल रोग केंद्र, 1000 सीटों वाले ऑडिटोरियम, पुस्तकालय ब्लाक और ओपीडी ब्लाक के निर्माण की ई-आधारशिला रखी।