इस मामले में 1 जून 2020 को मुकदमा दर्ज किया गया था। कोल्डबेस्ट-पीसी सिरप का निर्माण सिरमौर (हिमाचल) की डिजिटल विजन ने किया था। इस मामले में निर्माण कंपनी, जम्मू स्थित जंडियाल फार्मास्यूटिकल्स, जामवाल मेडिकल हॉल रामनगर समेत कई लोग आरोपी हैं।
उधमपुर जिले के रामगनर में नकली दवा खाने से हुई बच्चों की मौत के मामले में स्थानीय अदालत ने दवाई बनाने वाली हिमाचल के सिरमौर की कंपनी के मालिकों, जम्मू स्थित डीलर, रामनगर स्थित दवा दुकान के मालिकों समेत कई अन्य के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। सभी आरोपियों को सुनवाई के दौरान मौजूद रहना होगा।
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जम्मू के मुख्य न्यायिक अधिकारी अमरजीत सिंह ने गुरुवार को आदेश दिया है कि संबंधित जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को समन पहुंचाया जाए। इस मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की गई थी।
आरोपियों को 20 हजार रुपये की जमानत राशि निर्धारित की गई है। सीजेएम जम्मू अमरजीत सिंह लांगेह ने अपने आदेश में कहा कि यह कहने की जरूरत नहीं है कि जनता के लिए बड़े पैमाने पर दवाओं के निर्माण के दौरान ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप सुरक्षा और गुणवत्ता के मानकों को पूरा किया जाना चाहिए।
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इस मामले में प्रथम दृष्टया पूर्वोक्त अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन के सबूत हैं। अदालत में जून 2020 से आरोपियों के खिलाफ प्रक्रिया जारी है। बता दें कि जनवरी 2020 को रामनगर में कफ सीरप लेने से लगभग एक दर्जन बच्चों की मौत हो गई थी।