वर्ष 2010 के आईएएस अधिकारी शाह फैसल के खिलाफ कार्रवाई की सीपीआई (एम) ने कड़ी निंदा की है। सीपीआईएम के सचिव एवं कुलगाम से विधायक मोहम्मद यूसुफ तारीगामी ने कोई भी व्यक्ति किसी भी पद पर हो। उसे सामाजिक मुद्दे उठाने का पूरा हक है। साउथ एशिया में बलात्कार की बढ़ रही घटनाओं पर अपनी राय रखना गलत नहीं है। भारत में भी बलात्कार के मामले बढ़ रहे हैं। हिंसा बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि आईएएस अधिकारी भी समाज का हिस्सा है। अगर वह इन सामजिक मुद्दों पर कोई विचार रखता है तो इसमें गलत क्या है। गौरतलब है फैसल का पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी समर्थन किया था। फैसल ने ट्वीटर पर लिखा था कि पितृसत्ता, अशिक्षा, पोर्न, तकनीक, शराब, अराजकता, भुखमरी के कारण साउथ एशिया रेपिस्तान बनता जा रहा है। जीएडी के पत्र को शाह फैसल ने लव लेटर करार दिया था। इन दिनों वह विदेश में ट्रेनिंग कर रहे हैं।