जम्मू के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद चटर्जी कौल ने पाकिस्तान की महिला को दो साल कैद और दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। महिला आसमां फैयाज भट्ट पुत्री मोहम्मद इकबाल भट्ट, पत्नी अब्दुल सलाम भट्ट निवासी खिजराबाद कंडी, कराची, पाकिस्तान बिना किसी परमिट के भारतीय क्षेत्र में घुस आई थी। कोर्ट ने पब्लिक प्रोसेक्यूटर राकेश बडयाल की दलीलें सुनी और कहा कि महिला के सीआरपीसी की धारा 342 के तहत बयान दर्ज किए गए।
महिला ने बताया कि वह कराची पाकिस्तान की निवासी है। महिला के खिलाफ 14-ए विदेशी एक्ट (संशोधित), 2004 के तहत मामला बनता है। महिला की आयु 39 वर्ष है। इस मामले में दो न्यूनतम से लेकर आठ साल तक कैद की सजा सुनाई जा सकती है। इसके अलावा दस हजार रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक जुर्माना किया जा सकता है। महिला की उम्र और केस पर गौर करने के बाद पाया कि महिला भारतीय क्षेत्र में बिना किसी परमिट के घुसी है। पूरे हालातों पर नजर रखते हुए उसे दो साल कैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की रकम को अगर अदा नहीं किया तो महिला को तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।