Jammu kashmir : जिले का माहौर इलाका आतंकवाद के चरम दौर में काफी कुख्यात था। इलाके के ग्रामीण क्षेत्रों में वर्ष 1995 से वर्ष 2010 तक कई संगठनों से जुडे़ आतंकी मौजूद रहे। इस दौरान आए दिन कहीं न कहीं आतंकी घटनाओं की सूचना मिलती रहती थी, लेकिन वर्ष 2013-14 में जिले को आतंकवाद मुक्त करार दिया गया।
जिले का माहौर इलाका आतंकवाद के चरम दौर में काफी कुख्यात था। इलाके के ग्रामीण क्षेत्रों में वर्ष 1995 से वर्ष 2010 तक कई संगठनों से जुडे़ आतंकी मौजूद रहे। इस दौरान आए दिन कहीं न कहीं आतंकी घटनाओं की सूचना मिलती रहती थी, लेकिन वर्ष 2013-14 में जिले को आतंकवाद मुक्त करार दिया गया। उसके बाद नौ वर्षों तक कोई आतंकी घटना नहीं हुई।
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इसी वर्ष जुलाई में ग्रामीणों ने दो आतंकियों को पकड़ सुरक्षाबलों के हवाले किया था। अब वीरवार को एक अन्य आतंकी के पकड़े जाने से साफ हो गया है कि आतंकी संगठन माहौर के शांत पड़े माहौल को फिर से बिगाड़ने की कोशिश में हैं। इसके लिए पूर्व आतंकियों के परिजनों तथा रिश्तेदारों को जोड़ने की कोशिश हो रही है। इस वर्ष कई स्थानों पर छापामारी के दौरान विस्फोटक भी बरामद किए गए हैं।
स्थानीय लोगों ने नकारा
एसएसपी अमित गुप्ता के मुताबिक पाकिस्तान में बैठे आतंकी जिले के ऊपरी इलाकों में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने के लगातार प्रयास कर रहे हैं। लेकिन, सुरक्षाबलों ने हर क्षेत्र में कामयाबी पाई है और स्थानीय लोगों ने भी आतंकवाद को सिरे से खारिज कर दिया है। क्षेत्र में आतंकवाद के सारे प्रयास विफल होंगे।