जिला कठुआ में बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय का घेराव करने का प्रयास किया। लेकिन भारी पुलिस बल ने बैरिकेट लगाकर रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच हल्की नोकझोंक देखने को मिली। प्रदर्शनकारी पार्टी के सत्याग्रह कार्यक्रम के तहत जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा पुलवामा हमले की परिस्थितियों में सनसनीखेज खुलासे पर भाजपा सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग रहे थे। उन्होंने पुलवामा शहीदों का हिसाब दो, भाजपा सरकार जवाब दो, के नारे लगाए।
पार्टी के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष रमन भल्ला के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में रैली की शक्ल में मुख्यालय की ओर बढ़े। लेकिन प्रदर्शन की पूर्व सूचना पर पहले ही भारी पुलिस बल बुला लिया गया था। पुलिस ने बेरिकेट लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे जाने से रोक दिया। कई प्रदर्शनकारी बैरिकेट के ऊपर चढ़कर पार करने की कोशिश कर रहे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया।
रमन भल्ला ने कहा कि पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने महत्वपूर्ण सवाल उजागर किए हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि सीआरपीएफ जवानों को विमान क्यों नहीं दिए गए, जिन्हें बाद में 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के खतरे के बावजूद सड़क मार्ग से जाने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने कहा कि घटना के चार साल बाद पुलवामा आतंकी हमले की जांच कहां तक पहुंची है। सरकार ने लोकतंत्र के प्रतीक के रूप में इमारतें बनाई हैं, लेकिन लोकतंत्र गायब है।
कांग्रेस के कठुआ जिला अध्यक्ष पंकज डोगरा ने कहा कि भाजपा सरकार न्यूनतम शासन और अधिकतम मौन के साथ चल रही है। पूर्व राज्यपाल द्वारा की गई टिप्पणी पर सरकार को जवाब देना चाहिए। विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है।