चिशोती आपदा के छह दिन बीत जाने के बाद भी लापता लोगों को लेकर अलग-अलग आंकड़े आ रहे हैं। आईजी भीमसेन टूटी के मुताबिक, अभी 44 लोग लापता हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील कुमार शर्मा का कहना है कि लापता लोगों की संख्या 100 के आसपास हो सकती है।
बादल फटने से तबाह हुए किश्तवाड़ जिले के चिशोती में मंगलवार को चार शव और मिले। इनमें दो शव महिलाओं के तो दो पुरुषों के थे। इसके साथ ही मृतकों का आंकड़ा 67 पहुंच गया। तलाशी अभियान के दौरान कटे मानव अंग भी मिले हैं। आपदा 14 अगस्त को आई थी। मंगलवार को छठवें दिन भी लापता लोगों की तलाशी अभियान जारी है। ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद भी ली जा रही है।
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मंगलवार को सुबह करीब 8 बजे राहत व बचाव अभियान शुरू हुआ। सबसे पहले पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके मकान के जमा मलबे को खंगाला गया। मलबे में एक महिला का शव बरामद हुआ। थोड़ी देर बाद पास में ही एक पुरुष का भी शव मिला।
मचैल यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बनाए गए लंगर की रसोई के पास मलबे को खंगाले जाने के दौरान एक पुरुष का शव मिला। एक कटा हुआ पैर और एक बाजू भी मिला। सेना, एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमों को ड्रोन के साथ भोटनाला नदी के किनारे तलाशी के लिए भेजा गया। इस दौरान पेड़ में अटका महिला का शव मिला। चारों शवों को पहले अठोली पीएचसी ले जाया गया जहां शिनाख्त नहीं होने पर जम्मू जीएमसी भेज दिया गया।
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कितने लोग लापता...छह दिन बाद भी स्पष्ट नहीं
चिशोती आपदा के छह दिन बीत जाने के बाद भी लापता लोगों को लेकर अलग-अलग आंकड़े आ रहे हैं। आईजी भीमसेन टूटी के मुताबिक, अभी 44 लोग लापता हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील कुमार शर्मा का कहना है कि लापता लोगों की संख्या 100 के आसपास हो सकती है। शर्मा का यह भी कहना है कि घटनास्थल के साथ-साथ नदी के किनारे-किनारे भी तलाश तेज करनी होगी। नदी ढलान पर बह रही है ऐसे में शव मिलना तो मुश्किल है, फिर भी कुछ ऐसी जगहें हैं जहां पर शव रुक सकते हैं।