शाम ढलते ही शहर में ट्रैफिक सिग्नल झिलमिलाने (ब्लिंक मोड) पर आ जाते हैं, जिससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। लेकिन संबंधित प्रशासन की ओर से वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। जानकारी के अनुसार आठ बजे से पहले ही सिग्नल का ब्लिंक मोड पर आना शुरू हो जाता है। खासकर बिक्रम और ज्यूल चौक जैसे अति व्यस्त चौराहों पर स्थिति बेकाबू हो जाती है।
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शहर में आठ से नौ बजे तक चौक चौराहों पर वाहनों का काफी दबाव रहता है। लेकिन ब्लिंक मोड होने के चलते वाहन दोनों तरफ से निकलने लगते हैं और इससे बड़ा हादसा हो सकता है। यहीं नहीं, दिन को भी शहर में कई जगहों पर ऐसी स्थिति रहती है।
ट्रैफिक सिग्नल का सिस्टम सही तरह से काम नहीं कर पा रहा। जिसकी वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एसएसपी ट्रैफिक कौशल शर्मा ने बताया कि रात को नौ बजे के बाद सिग्नल ब्लिंक मोड पर हो जाते हैं। लेकिन अगर आठ बजे से पहले की बात है तो यह गलत है। इसकी जानकारी नहीं है। इसको ठीक करवाया जाएगा।