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J&K: 250 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दो की जमानत याचिका खारिज, फर्जी सोसायटी के नाम पर किया था हेरफेर

Tue, 19 Dec 2023 11:08 AM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर

सार

याचिकाकर्ता मोहम्मद शफी डार ने हिलाल अहमद मीर के साथ मिलकर साल 2018-19 में 250 करोड़ रुपये के ऋण की मंजूरी दी और फर्जी सोसायटी रिवर झेलम कोऑपरेटिव हाउस के नाम पर 223 करोड़ रुपये का वितरण किया था।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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250 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विशेष न्यायाधीश सीबीआई श्रीनगर एससी कैटल ने जेएंडके को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद शफी डार और रिवर झेलम कोऑपरेटिव हाउसिंग बिल्डिंग सोसाइटी के अध्यक्ष हिलाल अहमद मीर की जमानत याचिका खारिज कर दी है।

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इस मामले में 31 मार्च 2021 को ईडी जोनल कार्यालय श्रीनगर ईसीआईआर दर्ज किया गया था। याचिकाकर्ता मोहम्मद शफी डार ने हिलाल अहमद मीर के साथ मिलकर साल 2018-19 में 250 करोड़ रुपये के ऋण की मंजूरी दी और फर्जी सोसायटी रिवर झेलम कोऑपरेटिव हाउस के नाम पर 223 करोड़ रुपये का वितरण किया था। सोसायटी ने जमीन की खरीद के लिए किए गए भुगतान की राशि हड़प ली। 

सभी नियमों और नियमितता प्रक्रियाओं को ताक पर रखकर बिना कोई अतिरिक्त सुरक्षा लिए ऋण का वितरण किया गया। विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि आरोपियों पर लगे आरोप गंभीर है, ऐसे में उन्हें जमानत देना उचित नहीं है। 
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आरके वट्टल होंगे पीठासीन अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं अपीलीय न्यायाधिकरण जम्मू

पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके वट्टल को 5 वर्ष की अवधि या उनकी आयु के 65 वर्ष तक पीठासीन अधिकारी खाद्य सुरक्षा और अपीलीय न्यायाधिकरण जम्मू के रूप में नियुक्त किया गया है। 15 दिसंबर को इसकी अधिसूचना जारी हुई है। आरके वट्टल ने कश्मीर विवि से एलएलबी ऑनर्स प्रथम स्थान के साथ और पोस्ट ग्रेजुएशन (एलएलएम) कुरूक्षेत्र विवि हरियाणा से पूरी की है। 

उन्हें जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय के एक वकील के रूप में नामांकित किया गया था। वर्ष 1995 में मुंसिफ के रूप में जम्मू-कश्मीर न्यायपालिका में शामिल हुए, वर्ष 1997 में उप न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया। वर्ष 2008 में जिला और सत्र न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया। 

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