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Jammu Ground Report: मतदाताओं से ज्यादा बागियों की नाराजगी, BJP-कांग्रेस की जंग निर्दलीयों ने बनाई चतुष्कोणीय

Sun, 29 Sep 2024 03:20 PM IST
शाहरुख खान अतुल भारद्वाज, अमर उजाला, जम्मू

सार

विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में राजनीतिक घमासान बढ़ता जा रहा है। जम्मू की सीटों पर जीत को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों बराबर जोर लगा रहे हैं। पीएम मोदी और कांग्रेस से प्रियंका गांधी क्षेत्र में रैलियां कर चुके हैं। सभी सीटों पर राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर हैं और उम्मीदवार दिन रात प्रचार में ताकत झोंक रहे हैं। 
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Jammu Kashmir Assembly Election - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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खौड़, चक्क मलाल, ज्यौड़ियां जैसे इलाकों को समेटे यह जम्मू के अंतिम छोर की विधानसभा है। इसके साथ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर(पीओके) और नियंत्रण रेखा (एलओसी) का क्षेत्र सटा है। जम्मू से अखनूर में पहुंचते ही टूटी सड़कें बता देती हैं कि इस अंतिम विस क्षेत्र में यहां विकास का हाल किया है। 
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अखनूर कस्बे से ज्यौड़ियां की तरफ बढ़ते ही गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़कों से गाड़ियां गुजरती दिख जाती हैं। पिछले दिनों हुई बारिश ने सड़कों का नक्शा कुछ और बिगाड़ दिया है।

लोगों से चर्चा में भी विकास में पिछड़ने का दर्द साफ झलकता है। ज्यौड़ियां में एक दुकान पर ताश खेल रहे जोगिंद्र सिंह और उनके साथियों का कहना था कि विकास के नाम पर यहां ज्यादा से ज्यादा नालियां बन जाती हैं। इससे ज्यादा की उम्मीद भी अब नहीं करते। 
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मुख्य सड़क की तरफ इशारा करते हुए एक युवक राहुल कुमार ने बताया कि छह साल से हम तो गड्ढे ही देख रहे हैं। बीआरओ खुद इस सड़क को बनाने का काम करती है। यहां से रोजाना दर्जनों गाड़ियां सेना की गुजरती हैं। इसके बाद भी यह सड़क बन नहीं पाई। अंदर के इलाकों की सड़काें का तो और भी बुरा हाल है।
 

बात सड़क या बिजली की ही नहीं है। मोबाइल नेटवर्क से लेकर आम बोलचाल में शामिल सोच की भी है। स्थानीय लोगों की आम बोलचाल में छंब के अधिकांश हिस्से को पाकिस्तान के इलाके कहा जाता है। खौड़ तहसील को जाने वाली सड़क पर मौजूद एक दुकानदार से जब यहां पिछले सालों में हुए काम और चुनाव पर चर्चा की तो उसने दो टूक कह दिया कि वो तो पाकिस्तान के इलाके हैं। वहां क्या काम होना है? अब पता नहीं सरकार क्यों चुनाव भी वहां करा रही है। यह इनकी अकेले की नहीं, बहुतों की सोच है। लोग बताते हैं कि अधिकारी और जनप्रतिनिधियों से ज्यादा तो यहां सेना और पुलिस दिख जाती है।

योगी, गडकरी और राहुल सभी लगा चुके दम
छंब की सीट 2014 में भाजपा ने 14790 वोट से जीती थी। इससे पहले 2008 में यह सीट कांग्रेस के खाते में थी। सीट फिर से जीती जा सके इसके लिए दोनों ही पार्टी के नेता ताकत झोंक रहे हैं। छंब में यूपी के मुख्यमंत्री और भाजपा के फायरब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ के अलावा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी रैली को संबोधित कर चुके हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भी यहां रैली को संबोधित कर चुके हैं। हालांकि इनमें से कोई भी नेता यहां खराब मौसम के चलते नहीं पहुंच पाया, लेकिन रैली में पहुंचे लोगों को मोबाइल के माध्यम से संबोधित किया गया।

 

राजनीतिक समीकरण...बागी प्रत्याशी बने मुसीबत
अखनूर सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने की वजह से भाजपा ने यहां से छंब के निवर्तमान विधायक योगेश शर्मा को टिकट दिया है। भाजपा से नरेंद्र सिंह भी टिकट मांग रहे थे। नहीं मिलने पर आजाद चुनाव लड़ रहे हैं। इसी तरह कांग्रेस से पूर्व सांसद मदन लाल शर्मा के बेटे और पूर्व विधायक शाम लाल शर्मा के भतीजे सतीश शर्मा टिकट मांग रहे थे। अब वह कांग्रेस के प्रत्याशी तारा चंद को ही आजाद प्रत्याशी के रूप में चुनौती दे रहे हैं। तारा चंद खुद भी वरिष्ठ नेता हैं और तीन बार विधायक और 2008 में डिप्टी सीएम रह चुके हैं।

मतदाता
कुल- 105672
पुरुष-54138
महिलाएं-51534

 

क्षेत्र के मुद्दे
टूटी व बदहाल सड़कें
फसलों को सिंचाई के लिए पानी
युवाओं को रोजगार के मौके

 
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