जम्मू-कश्मीर में सेब, अखरोट, चेरी, आम, लीची के बाग लगाना आसान होगा। पहले चार कनाल जमीन में बाग लगाने की अनुमति थी, अब एक कनाल जमीन पर भी बाग लगाया जा सकेगा। हाई डेनसिटी प्लांटेशन स्कीम को मोडीफाई किया गया है। साथ ही इस साल का लक्ष्य भी निर्धारित कर दिया गया है। बागवानी विभाग पांच सौ कनाल भूमि में बाग लगाने में बागवानों की सहायता करेगा। इसमें पचास फीसदी सब्सिडी भी दी जाएगी। पचास फीसदी राशि बागवान को खर्च करनी होगी।
बागवानी विभाग की ओर से मुहैया करवाए जाने वाले पौधे उच्च गुणवत्ता वाले होंगे। इनकी पैदावार भी कहीं ज्यादा है। पौधों की खास बात यह है कि छह से सात साल में पौधे फल देने लगेंगे। कुछ विदेशी प्रजातियों के पौधे भी मुहैया करवाए जाएंगे। बागवानी में बदलाव लाने के लिए पांच साल के लिए भी बागवानी विभाग ने एक्शन प्लान तैयार किया है।
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प्रदेश में फलों की पैदावार को बढ़ावा दिया जाएगा। अब एक कनाल जमीन में भी बाग लग सकेगा। इसमें बागवान आम, सेब, लीची, अखरोट और सेब के पौधे लगा सकेंगे। इसके लिए सब्सिडी भी दी जाएगी।
- सेवक राम, निदेशक, बागवानी विभाग