96 केबल, 725 मीटर की लंबाई और नदी के तल से 331 मीटर की ऊंचाई पर स्थित देश के पहले केबल आधारित रेल पुल की सभी केबल को स्थापित कर दिया गया है। इस कदम से भारतीय रेल ने कश्मीर घाटी को शेष रेल नेटवर्क से जोड़ने की तरफ एक और मजबूत कदम पूरा किया लिया है।
अंजी खड्ड ब्रिज उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक परियोजना के सबसे महत्वपूर्ण भागों में शामिल हैं। इसके सुपर स्ट्रक्चर की लांचिंग मई में पूरी करने का दावा किया जा रहा है। केबल आधारित पुल को सभी तकनीकी बाधाओं के बावजूद 11 महीनों के रिकॉर्ड समय में 26 अप्रैल को सभी 96 केबलों को जोड़ा गया।
केबल आधारित पुल कटड़ा छोर पर सुरंग टी-2 और रियासी छोर पर सुरंग टी-3 को जोड़ता है। पुल की कुल लंबाई 725 मीटर है, जिसमें 473 मीटर लंबा असमित केबल आधारित पुल है, जो नींव के शीर्ष से 193 मीटर की ऊंचाई वाले सेंट्रल पायलन की धुरी पर संतुलित है और नदी के तल से 331 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
अंजी केबल पुल को कुल 96 केबल अर्थात प्रत्येक लेटरल और सेंट्रल स्पैनों पर 48 केबलों के अनुसार डिजाइन किया गया है। इन केबलों का कुल भार 848.7 एमटी है। वर्तमान तक कुल 47 सैगमेंटों में से केबलों के स्पोर्ट की आवश्यकता वाले 44 सैगमेंट लांच कर दिए गए हैं। शेष 3 सैगमेंटों को डिजाइन के अनुसार बिना स्टे केबलों के लांच किया जाएगा।