जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सोमवार को जानकारी दी है कि जम्मू के 43 सीमा से लगे गांव, कठुआ और सांबा को औपचारिक तौर पर अंतरराष्ट्रीय सीमा के आरक्षण से जुड़े फायदों के लिए नोटिफाई कर दिया है। यह कार्रवाई जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल के दिसंबर 2020 में मिले निर्देश के तहत किया गया है। इसके साथ ही अब इन गांवों को आरक्षण का लाभ मिलेगा जो अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे होने वाले इलाके के लोगों को मिलता है।
चुनाव जल्द चाहते हैं, तो परिसीमन आयोग का सहयोग करें राजनीतिक दल: एलजी
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि प्रदेश में जल्द चुनाव की मांग करने वाले राजनीतिक दलों को परिसीमन आयोग का सहयोग करना चाहिए। जब आयोग की परिसीमन प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी, इसके बाद चुनाव आयोग चुनाव की तारीख तय करेगा। ज्ञात हो कि परिसीमन आयोग की 18 फरवरी को हुई पहली बैठक का नेकां सांसद डा. फारूक अब्दुल्ला, हसनैन मसूदी व मोहम्मद अकबर लोन ने बहिष्कार किया था।
हार्टिकल्चर विभाग के कार्यक्रम में पहुंचे एलजी
जम्मू के गुलशन ग्राउंड में हार्टिकल्चर विभाग के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे उपराज्यपाल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यदि जल्द चुनाव चाहिए तो राजनीतिक दलों को परिसीमन आयोग का सहयोग करना होगा। ऐसा होने से इसकी प्रक्रिया जल्द पूरी होगी और चुनाव भी जल्द होंगे।
एलजी ने कहा कि इसका विरोध करने और इससे दूर रहने की बजाय सहयोग करें। प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद चुनाव आयोग प्रदेश की स्थिति का आकलन कर लेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आश्वस्त किया है कि विधानसभा चुनाव परिसीमन पूरा होते ही कराए जाएंगे।
प्रदेश में आतंकी गतिविधियों के बढ़ने पर एलजी ने कहा कि वह हाल ही में कश्मीर में हुई दो आतंकी वारदातों की कड़ी निंदा करते हैं। वह साफ कर देना चाहते हैं कि किसी भी कीमत पर आतंकवाद को बढ़ने नहीं दिया जाएगा।
भारत अपनी समस्याओं का समाधान करने में सक्षम
नेकां और पीडीपी की ओर से पाकिस्तान से बातचीत शुरू किए जाने पर कहा कि भारत अपनी समस्याओं का समाधान करने को सक्षम है। वह किसी के बयान पर टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं। विदेश मामलों का मंत्रालय इस तरह के बयानों का संज्ञान लेगा। वह इन चीजों को देखेगा।