नरवाल धमाकों की जांच में जुटी जम्मू कश्मीर पुलिस ने तीन जिलों के एक दर्जन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। संभव है कि इन्हीं में हमलों के आरोपी शामिल हों। पुलिस के हाथ एक सीसीटीवी फुटेज भी लगा है। इसमें एक युवक उस कार के भीतर से निकलता दिख रहा है, जिसमें धमाका हुआ था।
सूत्रों का कहना है कि नरवाल धमाकों के हमलावरों को पुलिस ने पकड़ लिया है। पुलिस की तरफ से बुधवार इस मामले की आधिकारिक जानकारी दी सकती है। हालांकि कोई भी अधिकारी इस पर कुछ नहीं कह रहा, लेकिन माना जा रहा है कि हमला करने वाले मॉड्यूल को ध्वस्त कर लिया गया है।
राजोरी जिले में अलग- अलग जगहों पर इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) लगाकर धमाके करने की साजिश करने वाले लश्कर-ए-ताइबाा के तीन आतंकियों का मॉड्यूल ध्वस्त कर दिया गया है। तीनों राजोरी के रहने वाले हैं।
डीजीपी दिलबाग सिंह और एडीजीपी जम्मू मुकेश सिंह राजोरी में हैं। संभव है कि दोनों इस पूरे मॉड्यूल की जानकारी देंगे। बता दें कि पिछले 10 दिन में राजोरी के मेडिकल कालेज के पीछे, दस्सल गांव और बुद्धल गांव में आईईडी लगाकर धमाका करने का की साजिश रची गई थी।
हालांकि तीनों ही स्थानों पर धमाके नहीं हो सके। सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने राजोरी के अलग अलग जगहों के रहने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। यह तीनों आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े हैं, जिन्होंने सीमा पार बैठे हैंडलरों के इशारे पर राजोरी की अलग अलग जगहों पर आईईडी लगाई। इनको यहीं टारगेट दिया गया था।
पहले भी राजोरी का मॉड्यूल पकड़ा था
बता दें कि इसके पहले पुलिस ने राजोरी की अलग-अलग जगहों पर पांच हमले करने के मामले का मॉड्यूल ध्वस्त किया था। तब पुलिस ने राजोरी के ही रहने वाले चार आतंकियों को गिरफ्तार किया था। इनमें तालिब हुसैन भी शामिल है।