श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने दो कथित विशेषाधिकार उल्लंघन मामलों की जांच की। बैठक की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति हसनैन मसूदी ने की। इस दौरान एसडीएम चडूरा, बडगाम और पूर्व सहायक आयुक्त विकास एसीडी गांदरबल अब्दुल मजीद राथर (वर्तमान में जम्मू-कश्मीर बोपीई के उप सचिव) को तलब कर अलग-अलग सुनवाई की गई।
पूर्व एसीडी से संबंधित मामले में बताया गया कि विवाद मनरेगा कार्यों की सूची तैयार करने को लेकर हुआ था। इसमें एक विधायक द्वारा सुझाए गए कुछ कार्य शामिल नहीं किए जा सके। गंभीरता से यह आरोप भी लिया गया कि अधिकारी ने विधायक के टेलीफोन कॉल का जवाब नहीं दिया। समिति ने कहा कि विधानसभा सदस्य लोगों के निर्वाचित प्रतिनिधि हैं और सरकारी अधिकारियों से उचित शिष्टाचार और त्वरित प्रतिक्रिया के हकदार हैं। अधिकारी ने किसी भी अनजाने चूक के लिए खेद व्यक्त किया। समिति ने उन्हें पूरक लिखित जवाब जमा करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है।
वहीं एसडीएम चडूरा के मामले में अधिकारी के आचरण पर नाराजगी व्यक्त की गई। समिति ने कहा कि सरकारी निर्देशों के अनुसार विधानसभा सदस्यों के प्रति उचित शिष्टाचार और सम्मान का पालन किया जाना चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार का विचलन कार्यपालिका के कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। समिति ने अधिकारी को मामले पर अगली बैठक में विचार से पहले पूरक लिखित जवाब जमा करने का अंतिम अवसर प्रदान किया।