जम्मू हाईकोर्ट ने बहुचर्चित रोशनी घोटाले की जांच सीबीआई से कराने के आदेश में मंत्रियों, विधायकों, नौकरशाहों समेत अन्य रसूखदारों के नाम एक माह में सार्वजनिक करने को कहा है। करोड़ों की जमीन कौड़ियों के भाव अपने नाम कराने वालों के नाम पूरे पते के साथ राजस्व विभाग और नेशनल इनफॉरमेटिक्स सेंटर (एनआईसी) की वेबसाइट पर अपलोड करने होंगे।
यही नहीं, जिन लोगों ने सरकारी जमीन को लेकर रोशनी एक्ट का फायदा नहीं भी उठाया है, उन तमाम लोगों के नाम भी जिलावार वेबसाइट पर अपलोड करने होंगे। इसके अलावा जांच एजेंसी सीबीआई को इस रिकॉर्ड की हार्ड कॉपी (प्रतियां) भी उपलब्ध करवानी होगी।
चार हफ्ते में यदि यह डेटा अपलोड नहीं होता है, या फिर सीबीआई की जांच में किसी तरह का असहयोग होता है तो संबंधित मंडलायुक्त व उपायुक्तों पर न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई होगी। हाईकोर्ट ने कहा है कि जांच की निगरानी खुद मुख्य सचिव करेंगे। वह सुनिश्चित करेंगे कि रिकॉर्ड उपलब्ध करवाने से लेकर तमाम संबंधित अधिकारी जांच एजेंसी का पूरा सहयोग करें।
340100 कनाल जमीन मुफ्त में ही कर दी ट्रांसफर
आदेश में हाईकोर्ट ने कहा है कि रोशनी एक्ट की आड़ में कुल 3,48,200 कनाल जमीन का अवैध कब्जाधारकों को मालिकाना हक दिया गया है। इसमें से 3,40,100 कनाल कृषि भूमि को बिना किसी शुल्क के ही कब्जाधारक के नाम कर दिया गया।