सचिवालय और एमएलए हास्टल में पिछले दरवाजे से हुईं नियुक्तियों के मामले में हाईकोर्ट ने सीनियर एएजी को रिकार्ड पेश करने को कहा है। एसके भल्ला ने याचिका दायर करते हुए कहा कि अवमानना याचिका के संबंध में डायरेक्टर विजिलेंस द्वारा लिए गए फैसले को रद्द करने की मांग की।
उनका कहना है कि चार मार्च, 2014 को उन्होंने शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी, लेकिन विजिलेंस आर्गनाइजेशन ने गैरकानूनी ढंग से शिकायत को ही बंद कर दिया। आरोप है कि विधानसभा सचिवालय और एमएलए हास्टल के लिए नवसृजित पदों के लिए रिश्वत लेकर पिछले दरवाजे से नियुक्तियां की गईं।
याचिकाकर्ता ने अदालत से अपील की कि विधानसभा के पूर्व स्पीकर और वर्तमान उच्च शिक्षा मंत्री मोहम्मद अकबर लोन और विधान परिषद के सचिव मोहम्मद रमजान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के विजिलेंस डायरेक्टर को निर्देश दिए जाएं। साथ ही मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम का गठन किया जाए, जिसका नेतृत्व एसएसपी स्तर से कम का अधिकारी न करे।
जस्टिस बंसी लाल भट ने एडवोकेट एसएस अहमद की दलीलें सुनने के बाद सीनियर एएजी गगन बसोत्रा को निर्देश दिए कि मामले की अगली सुनवाई पर नियुक्तियों से संबंधित रिकार्ड पेश किया जाए।