इमरजेंसी, आइसोलेशन, वार्ड 1 सहित अन्य वार्डों में घायलों को रखा जाएगा, छुट्टी पर गए चिकित्सा स्टाफ को वापस बुलाया गया
अस्पताल में ग्रीन, येलो और रेड पैटर्न पर नियंत्रण कक्ष स्थापित
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। भारत पाक के बीच तनाव को देखते हुए जीएमसी जम्मू में आपात प्रबंधन को मजबूत बनाने पर सारा ध्यान केंद्रित किया गया है। इमरजेंसी, आइसोलेशन, वार्ड एक सहित अन्य वार्डों में सभी तरह की जीवनरक्षक तैयारियों के साथ 150 बिस्तर तैयार किए गए हैं। सभी तरह की आपात सेवाएं बहाल रहेंगी। चिकित्सा स्टाफ की छुट्टियों को पहले ही रद्द कर दिया गया है और छुट्टी पर गए स्टाफ को वापस बुलाया गया है। जीएमसी जम्मू और संबद्ध अस्पतालों में सामान्य सर्जरी को भी स्थगित कर दिया गया है।
आपात प्रबंधन में वार्ड 1 और आइसोलेशन वार्ड में 40-40, इमरजेंसी में वेंटिलेटर सहित 20 और अन्य वार्डों में 30 बिस्तरों को रिजर्व किया गया है। जीएमसी में ग्रीन, येलो और रेड पैटर्न पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इसमें सामान्य तौर पर घायलों को अलग वार्डों में रखा जाएगा। गंभीर मरीजों को इमरजेंसी वार्ड 4 में रखा जाएगा, यहां 20 आईसीयू बिस्तर व अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
गंभीर मरीजों के लिए आईसीयू बिस्तर रिजर्व रखे जाएंगे। घायलों की बेहतर चिकित्सा देखभाल के लिए वरिष्ठ सलाहकार डाक्टरों के चौबीस घंटे का रोस्टर बनाया गया है। इसमें सर्जरी, आर्थोपेडिक्स, एनेस्थीसिया, ईएनटी, मेडिसिन आदि विभागों के डाक्टर शामिल होंगे। ब्लड बैंक में पर्याप्त रक्त उपलब्ध रखने के लिए स्वयं रक्तदान प्रक्रिया को बढ़ावा दिया गया है। आपात स्थिति में जीएमसी के इंडोर स्टेडियम सहित 200 एचएलवी बिस्तरों को तैयार रखा जाएगा। हालात अधिक बिगड़ने की सूरत में ओपीडी सेवाओं को स्थगित करने पर भी विचार किया जा सकता है। फिलहाल ओपीडी सेवाएं जारी हैं।