जम्मू शहर में सोमवार को 700 से ज्यादा बिजली के कनेक्शन काटे गए। इसमें नौ उद्योग भी शामिल हैं। इन उपभोक्ताओं ने लंबे समय से बिजली का बिल नहीं भरा है। इनको पहले नोटिस जारी किए गए थे। इसके बाद भी भुगतान नहीं किया था।
इन उपभोक्ताओं से बिजली कारपोरेशन ने लाखों रुपये वसूल करना है। सोमवार को कारपोरेशन ने सुबह दस बजे अभियान चलाया। इस दौरान शहर के छन्नी, नरवाल, बठिंडी, सुजवां, गांधी नगर, शास्त्री नगर, संजय नगर और गंग्याल इलाकों में कार्रवाई की गई। जिन उपभोक्ताओं ने बिजली बिल का भुगतान नहीं किया था, उनके कनेक्शन काटने के साथ तार को खंभों से हटा दिया गया।
उधर, गंग्याल में दो और बाड़ी ब्राह्मणा में सात औद्याेगिक ईकाइयों की बिजली भी काटी गई। यहां अब काम जनरेटर के सहारे चल रहा है। इन ईकाइयों से लाखों रुपये कारपोरेशन को वसूल करना है। अब बिलों का भुगतान होने के बाद ही कनेक्शनों को बहाल किया जाएगा।
नगर निगम के अनुसार ऐसे उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जा रहे हैं, जिन्होंने बिल का भुगतान नहीं किया हैं। कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। लोग खुद ही बिलों को कार्यालयों में आकर जमा करवा दें। टीमों ने घरेलू और वाणिज्यिक कनेक्शनों को काटा है। सरकारी विभागों में कार्रवाई नहीं हुई है। अब सूचीबद्ध तरीके से अभियान जारी रहेगा और कनेक्शन काटे जाएंगे।
आगे भी की जाएगी कार्रवाई
शहरभर में अभियान चलाया गया है। सोमवार को 700 से ज्यादा कनेक्शन काटे गए हैं। बिलों का भुगतान न होने पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
- राजेश शर्मा, एक्सईएन, बिजली कारपोरेशन, उपमंडल दो
कश्मीर घाटी में काटे गए 1350 बिजली कनेक्शन
जम्मू-कश्मीर पॉवर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की तरफ से डिफाल्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। कई राजनीतिक दलों से जुड़ी हस्तियों का नाम सामने आया है। जम्मू में यह कार्रवाई तीन राजनेताओं पर की गई है, जबकि कश्मीर में अधिकारियों के अनुसार डिफाल्टर की संख्या 1350 थी, जिनमें से कुछ ने बिल अदा कर फिर से कनेक्शन रिस्टोर किया है, जबकि जम्मू में यह संख्या 1150 थी।
कश्मीर पॉवर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के चीफ इंजीनियर जावेद यूसुफ डार के अनुसार जम्मू कश्मीर विभिन्न बिजली उत्पादकों से सालाना 7.5 हजार करूर की बिजली खरीदता है, जिसके बदले में 3 से 3.5 हजार करोड़ ही वापस आता हैं, जो 4 हजार करोड़ का नुकसान हो रहा है।
राजनेताओं की बिजली काटे जाने पर जावेद यूसुफ का कहना है कि विभाग के सामने सब एक समान हैं और वह हर कंज्यूमर को डिफॉल्ट मानते हैं। जिसने तीन महीने से बिजली बिल का भुगतान नहीं किया हो, चाहे वह आम नागरिक हो या राजनेता ऐसी स्थिति में कनेक्शन कटेगा ही।
इस संदर्भ में चीफ इंजीनियर ने बैठक भी बुलाई जिसमें उन्होंने डिफाल्टरों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए। इसके अलावा उन्होंने डाउनटाउन में स्मार्ट मीटर इंस्टॉलेशन के बारे में जानकारी हासिल की। अधिकारियों से कहा कि जल्द स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य पूरा करें।