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Jammu News: सेल्फ स्टडी, समय प्रबंधन और नोट्स से मिली सफलता

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सीबीएसई परीक्षा परिणाम : 10वीं और 12वीं के टॉपर्स की कहानी, उन्हीं की जुबानी
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। कठिन परिश्रम का नतीजा जब सामने हो और सफलता कदम चूम रही हो तो जश्न स्वाभाविक है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं कक्षा के नतीजे देख कर शहर के मेधावी खुशी से झूम उठे। यह सफलता न केवल बच्चों के लिए बल्कि उनके माता-पिता के लिए भी बहुत खास है।
अमर उजाला ने जब इन बच्चों से बात की तो उन्होंने सेल्फ स्टडी, समय प्रबंधन और क्लास रूम के नोट्स के गहन अध्ययन को अपनी सफलता का कारण बताया। बच्चों ने कहा कि तनाव मुक्त पढ़ाई, सैंपल पेपर से तैयारी और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर उन्होंने सफलता सुनिश्चित की। जम्मू-कश्मीर में 12वीं कक्षा में 94.7 फीसदी तो दसवीं में 98.19 फीसदी परिणाम रहा।
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पांच नियमों का पालन कर पाई सफलता
हरिवंश राय सूदन ने 12वीं साइंस में 97.2 फीसदी अंक हासिल किए है। उन्होंने अपनी तैयारी में पांच नियमों का पालन किया। सेल्फ स्टडी, कंस्टेंसी, स्कूल में शिक्षकों के कंटेंट को फॉलो करना, खुद को प्रेरित रखना, नियमित अभ्यास और विषय का पुनरीक्षण किया। रोज तीन से पांच घंटे की पढ़ाई की। हर सब्जेक्ट का टाइमटेबल फिक्स किया। 12वीं की परीक्षा के साथ-साथ नीट की भी तैयारी की। अगर अंक कम आते तो अपनी गलती पहचाना था। अगर अच्छे अंक मिलते तो उससे खुद को प्रेरित रखता है। हरिवंश के पिता इंजीनियर है।

स्कूल में जो पढ़ाया गया, उसके टेस्ट पेपर बनाकर हल किए
स्कूली बच्चों को ट्यूशन जाने की जरूरत नहीं है। अगर स्कूल में पढ़ाई जा रही विषय को घर अकार दोबारा रिवीजन करे तो न सिर्फ अच्छे अंक आएंगे बल्कि ज्ञान भी बढ़ेगा। यह कहना है ह्यूमैनिटीज में 96.6 फीसदी लाने वाली तनीशा जग्गी का। उन्होंने कहा, स्कूल में जो पढ़ाया उसे सप्ताह में दोबारा पढ़ा। उसका टेस्ट बनाकर खुद को दिया। इससे परीक्षा को लेकर मेरी तैयारी पुख्ता होती गई। पढ़ाई करते हुए रट्टा नहीं मारना चाहिए। खुद को एक शिक्षक की तरह समझाना होता है। रिवीजन जरूरी होती है। बच्चों के लिए ट्यूशन जरूरी नहीं।
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प्रधानमंत्री से मिला बाल पुरस्कार, 10वीं के बाद 12वीं में किया टॉप
हरमनजोत सिंह ने सीबीएसई 12वीं साइंस में 97.2 फीसदी अंक लेकर टॉप किया। उन्होंने बताया कि केमिस्ट्री और इंफार्मेटिक्स प्रैक्टिसेज में सौ फीसदी अंक लिए हैं। 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के बीच बड़ा गैप है, जिसको हमारी शैक्षणिक प्रणाली अभी तक भर नहीं पाई है।ऐसे में बोर्ड परीक्षाओं के विषयों पर फोकस करना जरूरी है। सेल्फ स्टडी बहुत जरूरी है। 11वीं और 12वीं में नॉन मेडिकल विषय में नियमित अभ्यास बहुत जरूरी है। थ्योरी के लिए भी खुद को तैयार करना होता है। उन्होंने कहा कि मैं प्रोफेशन ऐप डेवलपर हूं। प्रोग्रामिंग करता हूं, इनोवेशन के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार भी मिला है कौशल से कोर्स को बढ़ावा दिया जा रहा है तो अच्छी बात है।
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सफलता के लिए नियमित पढ़ाई जरूरी
सीबीएसई 12वीं कक्षा में अभिजय भगत ने 93 फीसदी अंक लिए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा की तैयारी शुरू से ही की। परिवार और स्कूल का बड़ा सहयोग मिला। प्रतिदिन लक्ष्य तय कर पढ़ाई करता था। किसी विषय को कितना समय देना है, कौन सा विषय कितना कमजोर उसकी पहचान जरूरी होनी चाहिए। परीक्षा की तैयारी की इस यात्रा में शिक्षकों का सहयोग सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि कानून की पढ़ाई करनी है। न्याय हर व्यक्ति का अधिकार है। समाज की सबसे कमजोर पंक्ति के व्यक्ति तक न्याय पहुंचे यही उद्देश्य है।
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नियमित पढ़ाई कर 10वीं में ला सकते हैं 95 फीसदी से ज्यादा अंक
अगर हम नियमित और तनाव मुक्त रहकर पढ़ाई करें तो 10वीं कक्षा में 95 फीसदी से ज्यादा अंक ला सकते हैं। यह कहना है सिफत कौर का जिन्होंने 10वीं में 95 फीसदी अंक लिए हैं। उन्होंने कहा कि 11वीं में साइंस की पढ़ाई कर रही हूं। नीट पास करना मेरा उद्देश्य है। कौशल आधारित पढ़ाई समय की मांग है, जो स्कूलों में हो रही है। सोशल मीडिया से दूरी और खुद को नेगेटिविटी से दूर रखने पर काम किया।

परीक्षा की तैयारी में रिवीजन और सैंपल पेपर जरूरी
परीक्षा की तैयारी में रिवीजन और सैंपल पेपर का महत्व बहुत अधिक हो जाता है। नियमित पढ़ाई, शिक्षकों के अनुभव से मदद लेना परीक्षा की तैयारी में बड़ी अहम होती है। जिस भी विषय को पढ़ रहे तो अच्छे से पढ़े। यह कहना कि मान्या महाजन का जिन्होंने दसवीं सीबीएसई में 98.8 फीसदी अंक लिए है। मान्या ने कहा कि आज के समय में सोशल मीडिया एक समस्या है। हालांकि इसको एक दम बंद करने खुद के लिए समस्या है। इसके लिए सोशल मीडिया से दूरी बनाने का मन पहले ही बना ले। धीरे-धीरे इसका उपयोग समिति करें।
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सप्ताह में जो पढ़ा उसका वीकेंड में रिवीजन करता था
मुझे लगा 10वीं कक्षा आसान होती है। पेपर सिलेबस से ही बनता है। अगर रोज दो से तीन घंटे पढ़ा जाएगा और वीकेंड में सप्ताह भर का रिवीजन करे तो अच्छे अंक आ सकते है। यह बात 99 फीसदी अंक लाने वाले अद्वितीय जंडियाल ने कही। उन्होंने कहा कि रिवीजन करनी अहम होती है। नियमित पढ़ाई से ही सफलता मिलती है। उन्होंने कहा कि परीक्षा के समय सोशल मीडिया का समिति उपयोग करना चाहिए।
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