- संघर्ष विराम की घोषणा के बाद भी रायपुर-खेरी के लोगों में दहशत
संवाद न्यूज एजेंसी
दोमाना। भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद भी हमले में जान गंवाने वाले जाकिर हुसैन के गांव रायपुर-खेरी के लोगों में दहशत बरकरार है। लोगों का कहना है कि पाकिस्तान पर भरोसा नहीं किया जा सकता। पाकिस्तान ने संघर्ष विराम की घोषणा के बाद भी गोलाबारी की थी। शनिवार रात को भी गांव में ब्लैकआउट हुआ।
दुकानदार सजाद खान ने बताया कि वह खैरी में किराना की दुकान चलाते हैं। दुकान के साथ ही जाकिर की भी दुकान है। टनल में वह भी अन्य लोगों के साथ थे। टनल में 600 से अधिक ग्रामीण थे, जो शनिवार सुबह से रविवार सुबह तक वहीं पर रहे। लोगों को खाने का सामान भी मैंने ही मुहैया करवाया था।
इस हमले से लोग दहशत में हैं। पाकिस्तान को और कड़ा जवाब देने की जरूरत है। सजाद ने जाकिर के बारे में बताया कि उसकी तीन बेटियां और एक बेटा लियाकत हुसैन है। बेटा पिता के साथ ही दुकान चलाता था। ढाई साल पहले बड़ी बेटी नर्गिस का निकाह करवा दिया था। छोटी बेटी महरूम 10वीं और दूसरी बेटी इरम 12वीं में पढ़ती है। जाकिर के जाने के बाद घर की जिम्मेदारी बेटे लियाकत पर आ गई है।
छह सौ लोगों ने टनल में बिताई रात
गांव की ही शमीमा बीबी ने बताया कि शनिवार सुबह अचानक हुए ड्रोन हमले से घर में रह रहे लोग सहम गए और बाहर की तरफ भागने लगे। इस से पहले मुझे डर नहीं लगा था लेकिन जब घर के आंगन में शैल पड़ा तो में भी डर गई। लियाकत हुसैन ने कहा कि कैरी बनतालाब में मोर्टार शैल गिरने से लोगों में अफरातफरी मच गई थी। इलाके में बड़ी संख्या में गोले गिरे थे। ऐसा उन्हें अपनी जिंदगी में पहली बार देखा है। उन्होंने कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या करे। पाकिस्तान आम लोगों को निशाना बना रहा है। पाकिस्तान पर कभी भी भरोसा नहीं किया जा सकता है।