संवाद न्यूज एजेंसी
दोमाना। पाकिस्तानी गोलाबारी में बलिदान हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा (जेकेएएस) अधिकारी एडीसी राजकुमार थापा के पार्थिव शरीर को रविवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान मौजूद लोगोें की आंखें नम रहीं। परिवार के सदस्यों का रो-रो कर बुरा हाल था।संस्कार में पहुंचे अधिकारी व सहकर्मी भी उनके साथ नौकरी के दौरान बिताए समय को याद कर गमगीन रहे। रिश्तेदार व मोहल्ले वाले भी अचानक से हुए इस हादसे से काफी सदमे में थे।
शनिवार सुबह राजौरी में थापा के आवासीय परिसर में मोर्टार गोले गिरने से उनकी मृत्यु हो गई थी। उनके पार्थिव शरीर को पुलिस वाहन में रूप नगर स्थित निवास पर लाया गया और बाद में उनका अंतिम संस्कार पास के बनतालाब श्मशान घाट में किया गया।राज कुमार थापा की पत्नी डॉ. मीनाकक्षी कुंदन डॉक्टर हैं। पिता दुर्गा दास भी सरकारी नौकरी से रिटायर्ड हुए हैं। माता का देहांत हो चुका है। इनके दो बच्चे हैं। बड़ी बेटी मरीसा थापा देहरादून में लॉ कर रही है और बेटा आहिवृतक थापा कश्मीर में एमबीबीएस कर रहे हैं।
समर्पण, योग्यता और पेशेवर अंदाज था उनका
अंतिम संस्कार के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक चले संघर्ष में जान गंवाने वाले सभी लोगों को उनके बलिदान के लिए हमेशा याद किया जाएगा। चौधरी ने कहा, ‘‘वह अपने समर्पण, योग्यता, पेशेवर अंदाज और लोगों के प्रति सहयोगी दृष्टिकोण के लिए जाने जाते थे तथा उनका इस दुनिया से चला जाना जम्मू-कश्मीर के लिए एक बड़ी क्षति है।
नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने भी अधिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उन्हें उनके पेशेवर अंदाज एवं समर्पण के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने सीमा पार आतंकी ढांचे के खिलाफ हाल में किए गए सटीक हमलों के लिए भारतीय सशस्त्र बलों की भी प्रशंसा की और कहा कि यह भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है।