दोमाना। जब-जब भी धरती पर आसुरी शक्तियां हावी होती हैं, तब-तब धर्म की रक्षा के लिए भगवान ने अवतार लिया है। मथुरा में राजा कंस के अत्याचारों से व्यथित होकर धरतीवासियों की पुकार सुनकर नारायण ने कृष्ण के रूप में अवतार लिया था। यह ज्ञान मढ़ विधानसभा क्षेत्र के गांव रख नागबानी में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत के चौथे दिन पंडित सुरजीत शास्त्री ने संगत को दिया। चौथे दिवस दिन शनिवार को भगवान श्री कृष्ण के जन्म की कथा सुनाई गई। इसके पूर्व शास्त्री ने बताया कि जीवन में भागवत कथा सुनने का सौभाग्य मिलना बड़ा दुर्लभ है। जब भी हमें यह अवसर मिले, इसका सदुपयोग करना चाहिए।
कथा सुनते हुए उसी के अनुसार कार्य करें। उन्होंने बताया कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने धरती को राक्षसों से मुक्त करने के लिए अवतार लिया था। कथा में कृष्ण जन्म का वर्णन होने पर समूचा पांडाल खुशी से झूम उठा। संवाद