संडे थियेटर सीरीज के तहत नटरंग स्टूडियो की ओर से डोगरी नाटक गट्ट का मंचन रानी पार्क में किया गया। कृष्ण चंदर की प्रसिद्ध उर्दू क्लासिक लघु कहानी ''खड्डा'' पर आधारित यह नाटक मानवीय मूल्यों के पतन पर एक करारा व्यंग्य है।
नाटक में दिखाया गया कि सभी अपनी जिम्मेदारियों से बचते हैं और अपने काम दूसरों को सौंप देते हैं। नाटक में दिखाया कि कैसे गरीबों के उत्थान के नारे धूल भरी हवा के साथ फीके पड़ जाते हैं।
नाटक एक आम व्यक्ति की कहानी है जो एक गड्ढे में गिर जाता है। उसकी मदद के लिए लोग दावे तो करते हैं, लेकिन कोई उसकी मदद नहीं करता है। हर कोई बहाने बनाता है। कहानी तब नया मोड़ लेती है जब लोग मंत्री से सड़क की खस्ताहाल स्थिति की शिकायत करते हैं।
इस पर लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी समस्या ठीक करने के बजाय गड्ढे वाले स्थान पर मंत्री की जनसभा के लिए मंच तैयार करते हैं। मंत्री विरोधियों की कोसता है, लेकिन गड्ढे में गिरे व्यक्ति को कोई नहीं निकालता।
अंत में दर्शकों में से एक आदमी उस आम आदमी की मदद करने की अपील करता है। नाटक में नीरज कांत, गोपी शर्मा, मोहम्मद यासीन, बृजेश सिंह अवतार, सुमित बंदराल व अन्य ने अभिनय किया।