इस साल कश्मीर घाटी के मुकाबले जम्मू संभाग की अलग-अलग जगहों पर पर्यटकों ने ज्यादा भ्रमण किया है। प्रदेश में इस वर्ष अब तक 1.88 करोड़ पर्यटक पहुंचे। इनमें 1.60 करोड़ जम्मू संभाग में तो 28 लाख कश्मीर घाटी में आए।
कश्मीर घाटी के बजाय अब जम्मू संभाग पर्यटकों का हब बनने लगा है। इस साल कश्मीर घाटी के मुकाबले जम्मू संभाग की अलग-अलग जगहों पर पर्यटकों ने ज्यादा भ्रमण किया है। इससे जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हुई है। इसका कारण यह भी रहा है कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभाग ने कई योजनाएं चलाई हैं। प्रदेश में इस वर्ष अब तक 1.88 करोड़ पर्यटक पहुंचे। इनमें 1.60 करोड़ जम्मू संभाग में तो 28 लाख कश्मीर घाटी में आए।
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पर्यटन विभाग के अनुसार जम्मू संभाग में आने वाले पर्यटकों में श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा रहती है। इस बार 1.60 लाख में से 95 लाख कटड़ा में मां वैष्णो देवी के दरबार, रियासी के शिव मंदिर, धनवा (जिपलाइनिंग पैराग्लाइडिंग के लिए मशहूर), नौ देवी मंदिर और अन्य पर्यटन स्थलों पर पहुंचे। 65 लाख पर्यटक जम्मू संभाग के अलग-अलग पर्यटन स्थलों पर आए।
जम्मू संभाग के रियासी में शिव खौड़ी मंदिर की बात की जाए तो कोविड से पहले और बाद में लगभग 10 से 12 लाख श्रद्धालु आया करते थे मगर इस साल अभी तक 20 लाख का आंकड़ा पार कर चुके हैं। जम्मू के अखनूर में आयोजित नौ दिवसीय झीड़ी मेले में श्रद्धालु प्रदेश से ही नहीं हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, यूपी से भी पहुंचे। यहां पर इस बार 16 लाख पर्यटक पहुंचे।
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राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें पटनीटाप और सुरिंसर में पर्यटन दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्नो राफि्टंग और स्नो मैन मेकिंग प्रतियोगिताएं होंगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जम्मू संभाग के लोग खुद ही ब्रांड एंबेसेडर बनें और जम्मू की ऑफ बीट डेस्टिनेशन को प्रमोट करें।