केएल सहगल हाल में आयोजित संगोष्ठी में भाग लेते कवि, लेखक
भारतीय साहित्य में पंडित मोहन के योगदान को किया याद
केएल सहगल हाल में साहित्यिक संगोष्ठी में कविओं, लेखकों ने रखे विचार
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। साहित्यकार पंडित मोहन निराश की 91वीं जयंती के उपलक्ष्य में कला, संस्कृति और भाषा अकादमी के सौजन्य से केएल सहगल हॉल में साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध कवि, विद्वान, लेखक और साहित्यकार मौजूद रहे। इस मौके पर
वरिष्ठ शिक्षाविद् और विचारक डॉ. पीएन त्रिसाल ने पंडित निराश के जीवन, कार्य और विरासत पर विचार रखे। बताया कि निराश एक ऐसी शख्सियत थे, जिन्हें उनकी गहरी काव्य अंतर्दृष्टि के कारण भारतीय साहित्य में योगदान के लिए जाना जाता है।
उन्होंने मोहन निराश के लेखन की कालातीत प्रासंगिकता के बारे में बताया। उन्होंने दिवंगत कवि के साहित्यिक और सांस्कृतिक योगदान को श्रद्धांजलि दी। भविष्य की पीढ़ियों के लिए विरासत को जीवित रखने के लिए इस तरह के स्मरणोत्सव आयोजित करने को कहा।
प्रसिद्ध कवि और प्रसारक बृज नाथ बेताब ने निराश के बहुस्तरीय साहित्यिक व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विभिन्न शैलियों और मीडिया के माध्यम से कवि की यात्रा पर चर्चा की। प्रसिद्ध गायिका नैना सप्रू और उनके समूह ने मोहन निराश द्वारा लिखे गए चुनिंदा गीतों को प्रस्तुत करके एक संगीतमय श्रद्धांजलि दी।