अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू । गुज्जर नेता व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. फैज हुसैन इंकलाब ने गोजरी भाषा और जनजातीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए जीवनभर काम किया।
उन्हें राष्ट्रीय एकीकरण और सीमावर्ती क्षेत्रों की विभिन्न पहचानों को एकजुट करने में उनके योगदान को आने वाले समय में हमेशा याद किया जाएगा। ये बातें जल शक्ति मंत्री जावेद राणा ने केएल सहगल हाल में आयोजित सेमिनार में कहीं।
दिवंगत फैज हुसैन इंकलाब पर आयोजित सेमिनार का आयोजन कला-संस्कृति और भाषा विभाग की सचिव हरविंदर कौर ने कहा कि सेमिनार का मुख्य उद्देश्य आदिवासी नेता के योगदान को उजागर करना था। उन्होंने बताया कि जेकेएएसीएल ने पहले ही लेफ्टिनेंट इंकलाब के जीवन और कार्य पर एक अच्छी तरह से शोध की गई पुस्तक प्रकाशित की है।
संगोष्ठी के समापन के बाद एक और प्रकाशन की योजना की घोषणा की है।
प्रसिद्ध लेखक चौधरी राशिद आज़म ने इंकलाब को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी विरासत का सम्मान करने का सबसे अच्छा तरीका गरीबों, दलितों और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के उत्थान की दिशा में काम करना है।