इनमें हत्याओं के 364 पुरुषों और 19 महिलाओं को भी मिला दें, तो तीन अपराधों के ही 1141 कैदी बन जाते हैं। आंकड़ों पर नजर डालें, तो दुष्कर्म में 19 से 25 आयु वर्ग और नशा तस्करी में 26 से 35 साल की आयु वाले सबसे अधिक हैं।
अन्य आयु वर्ग की स्थिति
जेलों में अंडर ट्रायल कैदियों में 19 से 25 आयु वर्ग में कुल 1322 लोग हैं। वहीं 36 से 45 आयु वर्ग के 919 लोग हैं। 46 से 60 आयु वर्ग के 310 लोग हैं और 61 साल से आगे की आयु के 119 लोग हैं।
नशे की लत बना देती है अपराधी
15 से 20 साल की आयु के युवा सबसे पहले नशे की लत में पड़ते हैं। इसके बाद लत पूरी करने के लिए आगे चेन बनाते हैं। अपने साथ पांच से छह लोगों को जोड़ते हैं। जब तक यह 25 से 30 साल तक पहुंचते हैं, तो यह नशे के आदि बन जाते हैं। यही नशे की लत इन्हें अपराधी बना देती है। इसमें फिर वह कोई अपराध करने से पीछे नहीं हटते। यहीं कारण है कि इस आयु वर्ग के लोग ज्यादा शामिल होते हैं। -डॉ. राकेश बनाल, मनोचिकित्सक, जम्मू मनोरोग अस्पताल।