फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu News: तीन साल में पांच बड़ी गैंगवार, आतंकवाद के बाद पुलिस के सामने बढ़ता अपराध दूसरी चुनौती

विज्ञापन
विज्ञापन
जम्मू जैसे अति संवेदनशील स्थान पर इस तरह की घटनाएं बढ़ा रही हैं पुलिस की चिंता
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो

जम्मू। आतंकवाद से लोहा लेने वाली पुलिस के सामने अब गैंगवार जैसी घटनाएं नई चुनौती बनकर उभर रही हैं। दिनदहाड़े अति व्यस्त और सुरक्षाबलों से घिरे रहने वाले चौक-चौराहों में गैंगवार पुलिस तंत्र के लिए आंख खोलने वाली घटना है।
जम्मू संभाग में तीन सालों में गैंगवार की पांच बड़ी घटनाएं हुई हैं। इस तरह की घटनाएं न सिर्फ पुलिस के लिए चुनौती बन रही हैं, बल्कि युवा वर्ग पर भी गलत प्रभाव डाल रही हैं। इससे पहले 2006 में संजय गुप्ता उर्फ बकरा की दिनदहाड़े हत्या के बाद अब सुमित जंडयाल उर्फ गटरू की हत्या ने पुलिस को न सिर्फ अपने खुफिया तंत्र बल्कि अपराध कम करने की रणनीति में भी बदलाव करना होगा।
विज्ञापन


इस तरह की गैंग में शामिल लोगों को पुलिस गिरफ्तार तो करती है, लेकिन मजबूत आपराधिक केस नहीं बनने के कारण कुछ समय बाद छूट जाते हैं और फिर वारदात को अंजाम देते हैं। ज्यूल में चौक में हुई फॉयरिंग में मारे गए सुमित जंडयाल पर पीएएस लगा था। जम्मू-कश्मीर पुलिस के सामने अब आतंकवाद के अलावा बढ़ता अपराध भी बड़ी चुनौती बन रहा है।
इस गैंग में शामिल लोगों का संबंध तारे पंजाब सहित देश के अन्य राज्यों में सक्रिय गैंग के साथ भी हैं।


पुलिस को तैयार करना चाहिए मजबूत केस : पूर्व डीजीपी

जम्मू-कश्मीर पुलिस के पूर्व डीजीपी एसपी वैद बताते है उनके कार्यकाल के दौरान ऐसे लोगों पर सख्ती से कार्रवाई हुई थी। आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मजबूत केस तैयार कर उन्हें सजा दिलवाई है। ऐसे मामले में पुलिस को हर बिंदू पर जांच कर मजबूत केस तैयार चाहिए, ताकि इस तरह के असामाजिक तत्व के पास सजा से बचने का कोई विकल्प न हो। इस तरह की घटना दुखद है। पुलिस को ऐसे तत्व पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह किसी घटना को अंजाम देने से पहले सौ बार सोचे।
विज्ञापन



जम्मू, सांबा और कठुआ में सबसे ज्यादा घटनाएं
गैंगवार से जुड़ी घटनाएं सबसे ज्यादा जम्मू, सांबा और कठुआ जिले में हो रही हैं। तीनों राज्य पंजाब से लगते हैं। पंजाब में भी इस तरह ही घटना होती है, जिसका प्रभाव अब इन जिलों में देखने को मिल रहा है। 25 दिसंबर 2023 में सांबा के रामगढ़ में गटरू गैंग के सदस्य अक्षय शर्मा की खौफ गैंग के सदस्यों ने हत्या की थी। कठुआ में हुई गैंगवार में सब इंस्पेक्टर दीपक शर्मा बलिदान हुए थे। इस तरह 27 अप्रैल 2024 को मीरां साहिब में रेस्तरां मालिक और गांधीनगर में कारोबारी के घर उसे बंधक बनाया था। अब ज्यूल चौक में फॉयरिंग हुई है। इस तरह के मामले पुलिस के लिए चुनौती बन रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें