मीरां साहिब के पास रिंग रोड पर सतवारी और मीरां साहिब पुलिस ने जांच के लिए रोका था, बोलेरो में थे सवार
अमर उजाला ब्यूरो/संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू/मीरां साहिब। मीरां साहिब क्षेत्र में पुलिस और कुख्यात बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक अपराधी घायल हुआ है और एक को गिरफ्तार कर लिया गया है। दस दिन में इसी क्षेत्र में ये दूसरी वारदात है। दोनों बदमाश कुछ दिन पहले फ्लाएं मंडाल क्षेत्र में हुए गोलीकांड के वांछित हैं। घायल को जीएमसी में भर्ती कराया गया है। इनके पास से दो पिस्तौल भी बरामद की गई हैं।
जानकारी के अनुसार पुख्ता सूचना के आधार पर मीरां साहिब और सतवारी पुलिस ने रिंग रोड पर शनिवार रात नाका लगाया था। ये दोनों एक बोलेरो वाहन (जेके02डीए-7774) में सांबा की तरफ से फ्लाएं मंडाल की तरफ जा रहे थे। इनको रोका तो पुलिस पर फायरिंग कर भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया और कुछ दूर जाकर बोलेरो को घेर लिया।
जैसे ही कार को घेरा तो दोनों ने अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों में भागने की कोशिश की और फिर से फायरिंग की। इसी पर जवाबी कार्रवाई में जम्मू के डिग्याना निवासी दिलजोत सिंह घायल हो गया। इसके दोनों पैरों में गोली लगी है। वहीं, अन्य आरोपी अमनदीप सिंह उर्फ अनु निवासी कठुआ ने आत्मसमर्पण कर दिया।
इंस्टाग्राम पर डाला था पोस्ट
बता दें कि फ्लाएं मंडाल में अरुण चौधरी नाम के युवक पर फायरिंग करने में ये दोनों बदमाश शामिल हैं। रोटो 307 नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर वारदात के बाद एक पोस्ट भी डाला गया था। इसमें दिलजोज के नाम का जिक्र था। हमले की जिम्मेदारी दिलजोज के नाम से ली गई थी। इस पोस्ट के बाद पुलिस ने पांच आरोपियों की पहचान की। इनमें दिलजोत सिंह, अमन सिंह, बशीर, नान बच्चा और विशाल शामिल हैं। सतवारी थाना प्रभारी जे पी शर्मा का कहना है कि इनमें से विशाल पहले से गिरफ्तार है। दिलजोत और अमन अब पकड़े गए हैं। नान बच्चा और बशीर फरार हैं।
संगठित अपराध में दबदबा बनाने के लिए की वारदात
एसएसपी जम्मू जोगिंदर सिंह का कहना है कि ये दोनों वे संगठित अपराध सिंडिकेट का हिस्सा हैं। दोनों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। ये दोनों फ्लाएं मंडाल में हुई वारदात में भी संलिप्त हैं। इसे लेकर मीरां साहिब पुलिस में मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
एक हफ्ता पहले भी हुई फायरिंग
बता दें कि एक हफ्ता पहले मिरां साहिब पुलिस ने लंगोटिया गांव के पास कुख्यात गैंगस्टर परमजीत कुमार उर्फ जुंगी और अर्जुन कुमार उर्फ बिल्लू को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी से पहले इन दोनों ने भी पुलिस पर फायरिंग की और इसमें जवाबी कार्रवाई में परमजीत घायल हुआ।
एक अन्य वारदात में भी शामिल
बता दें कि दिलजोत सिंह पर पहले भी कई मामले दर्ज हैं। वह सतवारी पुलिस का वांछित आरोपी है, जिसका नाम फ्लाएं मंडाल क्षेत्र में रमनजीत सिंह पर जानलेवा हमला करने में शामिल है।
रिंग रोड बना अपराध का रोड
रिंग रोड पर पिछले दस दिनों में इस प्रकार की दूसरी घटना होने पर लोगों में दहशत है। ग्रामीण अजय कुमार का कहना है कि पहले रिंग रोड पर लूटपाट की घटनाएं हो रही हैं और अब इस मार्ग पर अपराधी बेखौफ होकर आ जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रिंग रोड पर रात के समय पुलिस की और से गश्त करने के साथ एक पुलिस पोस्ट स्थापित की जाए, ताकि आपराधिक घटनाओं पर रोक लग सके।