पिछले दो साल से स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एसआरटीसी) के बेड़े में नये वाहन शामिल करने को सरकार की मंजूरी न मिलने की वजह से वाहनों की किल्लत का सामना कर रही कारपोरेशन ने कबाड़ बेचकर करीब सात करोड़ की राशि वाहनों की खरीद के लिए जुटाई है।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एसआरटीसी के बेड़े में करीब 694 यात्री बसें और 365 के करीब ट्रक हैं, लेकिन इनमें से सड़क पर उतरने लायक कुल 600 के करीब गाड़ियां ही हैं।
पिछले दो साल में सरकार ने नई वाहनों की खरीद को मंजूरी प्रदान नहीं की। इस वजह से कारपोरेशन को वाहनों की किल्लत का तो सामना करना ही पड़ रहा है, उसके राजस्व में भी कमी आ रही है।
कारपोरेशन में आतंरिक स्रोतों से नये वाहनों की खरीद के लिए कबाड़ आदि बेचकर सात करोड़ तक की राशि एकत्रित भी की है, लेकिन नये वाहनों की खरीद के लिए उसका प्रस्ताव अब भी सरकार के पास लंबित पड़ा है। कारपोरेशन में काम करने वाले मुलाजिमों की माने तो नये वाहनों को मंजूरी नहीं मिलने की वजह से कारपोरेशन को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
पुराने वाहनों को मरम्मत की जरूरत ज्यादा पड़ती है और खर्र्चा भी ज्यादा होता है। एसआरटीसी के प्रबंधक निदेशक जीएस टंडन से इस बारे में पूछे जाने पर उनका कहना है कि नये वाहनों को खरीदने का प्रस्ताव सरकार के पास लंबित पड़ा है।