जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से न के बराबर ग्राहक पहुंच रहे
दुकानदारों ने कहा, विश्वास बहाली में लगेंगे कम से कम 15 दिन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। भारत-पाकिस्तान में संघर्ष विराम के बाद हालात सामान्य होने पर सोमवार को शहर के अधिकांश बाजार खुले रहे, लेकिन पहले की तरह रौनक नहीं दिखाई दी। बाजार में लोग गैर जरूरी चीजों की खरीदारी नहीं कर रहे हैं। सीमावर्ती और ग्रामीण क्षेत्रों से लगभग न के बराबर लोग शहर में खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं।
सीमांत क्षेत्रों में दिन के समय घरों में छोटा मोटा काम करके ग्रामीण रात को एहतियात के तौर पर दोबारा बंकरों में लौट रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि बाजार में ग्राहकों की रौनक लौटने के लिए कम से कम 15 दिन लग जाएंगे। शहर के प्रमुख रघुनाथ बाजार, सिटी चौक, रेजिडेंसी रोड, पुरानी मंडी, राज तिलक रोड, जैन बाजार, लिंक रोग, पक्का डंगा, मोती बाजार, परेड, शालामार, गुम्मट, शहीदी चौक, लखदत्ता बाजार, कनक मंडी, तालाब तिल्लो, जानीपुर, गांधीनगर, शास्त्रीनगर आदि क्षेत्रों में बाजार खुले रहे।
दिनभर लोग जरूरी खरीदारी के लिए ही पहुंचे। लिंक रोड ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि बाजार खुले हैं, मगर पहले की तरह ग्राहक नहीं आ रहे हैं। ग्राहकों के साथ दुकानदारों में भी अभी दहशत है। पाकिस्तान पर कोई भरोसा नहीं किया जा सकता है। इसलिए शाम ढलने पर प्रतिष्ठान भी बंद करना मजबूरी है।
चैंबर आफ काॅमर्स के सदस्य अरुण गुप्ता ने बताया कि उन्हें बाजार से जो फीडवैक मिला है, उसमें अभी ग्राहक नदारद हैं। यह होना लाजमी भी है। कुछ दिन पहले ही लोगों ने जम्मू में युद्ध जैसे हालात देखे हैं। इससे लगभग श्रमिक और दुकानों पर काम करने वाले मुलाजिम लौट गए हैं। उनके साथ ग्राहकों को बाजार में पहुंचने में अभी समय लगेगा।
उम्मीद करते हैं कि आगामी भी हालात सामान्य रहें और जल्द स्थानीय बाजार पटरी पर लौट आए। इस बीच रात को शहर के अधिकांश हिस्से में एहतियात के तौर पर लोग स्वघोषित ब्लैक आउट कर रहे हैं।