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Jammu News: बिजली कॉरपोरेशन की तार से जलेगी निगम की एलईडी की बत्ती

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शहर के कई हिस्सों में बंद हैं लाइटें, तार की कमी और जलने के कारण पेश आ रही दिक्कत
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जेएमसी ने बजट से प्रावधान करने के लिए कहा, पहले नगर निगम ने करवाया है काम
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर में एलईडी लाइटों को जलाने के लिए तार (केबल) की कमी खल रही है। अब नगर निगम ने बिजली कॉरपोरेशन को तार डालने और रखरखाव के लिए बजट में प्रावधान करने के लिए पत्र लिखा है। मौजूदा समय में नगर निगम के पास बजट की कमी है।
अब बिजली कॉरपोरेशन के माध्यम से तार बिछाकर लाइटों को जलाया जाएगा। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत स्ट्रीट लाइटों को जलाने के लिए तार डाली गई, लेकिन कुछ स्थानों पर जल चुकी हैं। इस कारण शहर के अधिकांश जगहों की लाइटें काम नहीं कर रही हैं।
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इससे शाम ढलते ही गलियों और सड़कों से गुजरने वाले राहगीरों को परेशानी हो रही है। मौजूदा समय में शहरभर में 15 हजार के करीब लाइटें खराब हैं। लाइटें लगाने पर काम मई 2019 में शुरू हुआ था, जो दिसंबर 2020 में पूरा हुआ। पुरानी स्ट्रीट लाइटों की जगह पर एलईडी लाइटें लगाई गईं, लेकिन स्थिति जस की तस रही।
2021 में लाइटें खराब होनी शुरू हुईं। इस दौरान कुछ स्थानों में लोड बढ़ने के कारण तारें भी जलीं। इसके बाद मरम्मत कार्य नहीं हो पाया। कायदे से लाइटों को बदलने और अन्य खराबी का समाधान काम करवा रही कंपनी के माध्यम से होना था, मगर कंपनी ने बीच में काम छोड़ दिया। इस कारण लाइटें का सही रखरखाव नहीं हो पाया है।



शहर के इन वार्डों में है समस्या
शहर के वार्ड 71 से लेकर 75, वार्ड 64 से 70, वार्ड 47, 48, 55 और 31 सहित कई अन्य स्थानों में तारें जली हैं। अब इन तारों को बदला जाना है।

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शहर में इतने बिछाए गए हैं तार
शहरभर में लाइटों को जलाने के लिए 1700 किलोमीटर लंबी बिछाई गई है। मौजूदा समय में अधिकांश जगहों में लाइटें बंद हैं। अब तार बिछाने के बाद लाइटों को जलाया जाएगा।


96 हजार लगाई गई हैं लाइटें
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर में 96 हजार एलईडी लाइटें लगाई हैं। इन्हें लगाने का मकसद शहर को रोशन करना था। परियोजना में सड़कों के किनारे स्मार्ट लाइट लगाई गई है। लाइटें बंद होने से शाम ढलते ही अंधेरा छा रहा है।

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कोट
एलईडी लाइटों की मरम्मत पर काम तेजी से चल रहा है। शहरभर में 96 हजार लाइटें लगाई गई हैं। अब तारों की मरम्मत के लिए पीडीडी को बजट का प्रावधान करने के लिए कहा गया है। इससे रखरखाव करना आसान होगा।
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-डॉ. देवांश यादव, आयुक्त, नगर निगम

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घटिया क्वालिटी की तार का प्रयोग जेएमसी ने किया है। इस कारण अधिकांश वार्डों में समस्या आ रही है। इस पर जांच करवाने के लिए कहा गया है। तारें क्यों जल रही हैं, इसका जवाब नगर निगम के पास नहीं है।
-राजिंद्र शर्मा, पूर्व मेयर, नगर निगम
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