इंटेलिजेंस सिस्टम के लिए लगे कैमरे का मुंह भी था दूसरी तरफ
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। दिनदहाड़े इस वारदात को पूरी तैयारी के साथ अंजाम दिया गया है। हमलावरों ने वारदात स्थल की पूरी रेकी कर रखी थी। तभी वारदात ऐसी जगह की गई, जिसको कैद करने वाला आसपास एक भी सीसीटीवी हीं दिखा।
दरअसल, वारदात स्थल के एक तरफ आंबेडकर रोटरी है। एक तरफ बस स्टैंड का रास्ता जाता है। एक तरफ तालाब तिल्लो का रास्ता जाता है। जबकि वारदात स्थल पर सीधी नजर तालाब तिल्लो की तरफ बनी कुछ दुकानों से जाता है।
वारदात स्थल के ठीक सामने एक दवाइयों की दुकान पर एक सीसीटीवी तो लगा है, लेकिन इसकी हद दुकान के सामने वाला कुछ हिस्सा ही कवर करने तक है। एक सीसीटीवी इंटेलिजेंस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का आंबेडकर चौक पर जरूर लगा है लेकिन इसका मुंह भी वारदात स्थल के विपरीत नवाबाद पुलिस स्टेशन की तरफ है। इसलिए पुलिस को वारदात को स्थल को कैद करने वाला कोई सीसीटीवी नहीं मिला।
आसपास के कैमरे खंगाले
मौका ए वारदात पर कोई कैमरा नहीं मिलने पर पुलिस ने आसपास लगे कैमरों की फुटेज को खंगाला। क्योंकि आरोपी वारदात के बाद बस स्टैंड की तरफ भागे थे। इसलिए पुलिस ने बस स्टैंड की तरफ जाने वाले रास्तों पर लगे कुछ सीसीटीवी को खंगाला। लेकिन अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।