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Jammu News: तीन माह पहले ही पीएसए से मुक्त होकर आया था सुमित, खौफ गैंग से थी पुरानी रंजिश, चल रही थी रैकी

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विजयपुर पैतृक गांव की बजाए अलग-अलग जगहों पर कमरे लेकर रहता था गैंगस्टर
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25 दिसंबर को गटरू गैंग के ही अन्य सदस्य अक्षय शर्मा की हुई थी रामगढ़ में हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। गैंगवार में मारे गए गटरू गैंग के मुखिया सुमित जंडियाल की खौफ गैंग से पुरानी दुश्मनी रही है। वह तीन माह पहले ही सुमित पीएसए से मुक्त होकर लौटा था। सूत्रों का कहना है कि तीन महीनों से ही हमलावर सुमित की रैकी कर रहे थे।
सुमित के दो भाई गौरव और सौरव भी गटरू गैंग का हिस्सा हैं। 25 दिसंबर 2023 को विजयपुर गड़वाल के रहने वाले गटरू गैंग के ही सदस्य अक्षय शर्मा की रामगढ़ क्षेत्र में खौफ गैंग के चार सदस्यों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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जानकारी के अनुसार सुमित जंडयाल पर 2 मई 2024 को सांबा पुलिस की सिफारिश पर सांबा जिला उपायुक्त ने पीएसए लगाने का आदेश दिया। पीएसए सुमित के भाई सौरव पर भी लगा। सुमित के पिता ओम प्रकाश ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी।
10 अक्तूबर 2024 को हाईकोर्ट ने सुमित और इसके भाई पर लगे पीएसए को रद्द कर दिया और सुमित जेल से बाहर आ गया। हालांकि, जेल से आने के बाद सुमित अपने पैतृक गांव विजयपुर की जगह अलग अलग जगहों पर रहता था। सुमित 2017 से सक्रिय था।
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कार में अकेला था सुमित, हमलावरों को थी पूरी जानकारी, सुमित के पास पिस्टल भी थी
वारदात के वक्त सुमित थार में अकेला ही था। उसके पास एक पिस्टल भी थी। जो थार से बरामद की गई। सूत्रों का कहना है कि सुमित का तालाब तिल्लो में कोई रिश्तेदार है। वह उसके पास से होकर वापस विजयपुर की तरफ जा रहा था। सूत्रों के अनुसार हमलावरों को सुमित के अकेले होने की पूरी जानकारी थी। इसलिए वे पहले से ही ज्यूल चौक पर घात लगाकर बैठे थे। उन्हें पूरी जानकारी थी कि ज्यूल पर सुमित जब कार में होगा तो उसे घेरने पर वह भाग नहीं सकेगा, क्योंकि वाहनों की आगे पीछे भीड़ होगी। इसलिए आरोपी कार की जगह खुद स्कूटी लेकर आए, ताकि वे वारदात के वाद आसानी से भाग सकें।
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